बेंगलुरु: अस्पतालों ने कोरोना रिपोर्ट पेश न कर पाने पर डॉक्टर को भर्ती करने से किया इनकार, हुई मौत

बेंगलुरु: अस्पतालों ने कोरोना रिपोर्ट पेश न कर पाने पर डॉक्टर को भर्ती करने से किया इनकार, हुई मौत
निजी अस्पताल साधारण मरीज को भर्ती करने से पहले मांग रहे कोरोना रिपोर्ट.

देशभर के ज्यादातर अस्पतालों (Hospital) में मरीजों से भर्ती करने से पहले कोरोना रिपोर्ट (Corona Report) लाने को कहा जा रहा है. हालात ये हो चुके हैं कि कोरोना रिपोर्ट मिलने में देरी होने पर कई मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है.

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बेंगलुरु. इसे निजी अस्पतालों (Private Hospital) की मनमानी कहें या फिर राज्य सरकारों की उदासीनता, जिसके कारण अब साधारण मरीजों को भी अस्पताल में भर्ती करने से मना किया जा रहा है. देशभर के ज्यादातर अस्पतालों में मरीजों से भर्ती करने से पहले कोरोना रिपोर्ट (Corona Report) लाने को कहा जा रहा है. हालात ये हो चुके हैं कि कोरोना रिपोर्ट मिलने में देरी होने पर कई मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है. ऐसा ही एक मामला कर्नाटक (Karnataka) में देखने को मिला, जहां एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को कोरोना रिपोर्ट न होने के कारण तीन बड़े अस्पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया और उनकी मौत हो गई.

कोविड-19 डॉक्‍टर डॉ. मंजुनाथ को बेंगलुरु के अस्‍पतालों ने भर्ती करने से इनकार किया, जबकि उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी. बता दें कि डॉ. मंजुनाथ बेंगलुरु से 50 किलोमीटर दूर रामनगर जिले में स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग में काम कर रहे थे. डॉ. मंजुनाथ के परिजनों का कहना है कि जून के अंत में उन्हें सांस लेन में काफी दिक्कत हो रही थी. इसके बाद जब वह जेपी नगर में राजशेखर अस्पताल, केनेगेरी में बीजीएस ग्लोबल अस्पताल और कुमारस्वामी लेआउट में सागर अस्पताल गए तो तीनों ही अस्पताल ने पहले कोरोना रिपोर्ट लाने को कहा.

डॉ. मंजुनाथ की हालत बिगड़ने पर परिवार के सदस्यों ने दयानंद परिसर के बाहर धरना देने शुरू कर दिया, जिसके बाद 25 जून को उन्हें सागर अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. बाद में बेंगलोर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में रेफर कर दिया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई.



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अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डॉ. मंजूनाथ को 9 जुलाई को डिस्‍चार्ज कर दिया गया था क्योंकि वह प्लाज्मा थेरेपी चाहते थे. उनके परिवार के छह सदस्‍य कोरोना पॉ‍जि‍टिव पाए गए थे, जिसमें से ज्‍यादातर ठीक हो चुके हैं. बेंगलुरु नगरपालिका निकाय (BBMP) के एक विशेष अधिकारी डी. रणदीप ने कहा कि तीन अस्पतालों के खिलाफ मरीज को भर्ती न करने की शिकायत मिली है. इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की जाएगी.
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