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bengaluru school sought permission to additional floor bbmp want 69 lakh high court says

स्कूल ने फ्लोर बढ़ाने की अनुमति मांगी, बेंगलुरु महानगरपालिका ने 69 लाख का बिल थमाया, HC ने कही ये बात

बेंगलुरु हाईकोर्ट ने स्कूल के हक में सुनाया फैसला.   (सांकेतिक तस्वीर)

बेंगलुरु हाईकोर्ट ने स्कूल के हक में सुनाया फैसला. (सांकेतिक तस्वीर)

High court quashed the notice of 69 lakh charge BBMP: हाईकोर्ट ने बेंगलुरु महानगरपालिका को एक स्कूल से प्रगति शुल्क के नाम पर 69 लाख रुपये के नोटिस संबंधी आदेश को खारिज कर दिया. बेंगलुरु में 150 साल पुराने एक स्कूल ने जब महानगरपालिका से अतिरिक्त फ्लोर की अनुमति मांगी थी तब महानगरपालिका ने यह आदेश दिया था.

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    नई दिल्ली. देश में समस्याओं का अंबार है. आम लोगों की परेशानियों का कोई अंत नहीं है. कभी बिजली बिल ज्यादा आ जाता है तो कभी टैक्स के नाम पर ज्यादा रकम काट ली जाती है. इस चक्कर में महीनों लोगों को सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाना पड़ता है. अब एक मामले को देखिए. बेंगलुरु में एक 150 साल पुराना प्रतिष्ठित स्कूल है. स्कूल को अब विस्तार करने की जरूरत आ पड़ी. उसने बृहत बेंग्लुरु महानगरपालिका (Bruhat Bangaluru Mahanagara Palike-BBMP) के सामने बिल्डिंग में दो फ्लोर बढ़ाने की अनुमति मांगी. इसके लिए आवश्यक फीस भी चुका दी लेकिन महानगरपालिका ने इसके बाद 69 लाख का शुल्क चुकाने का फरमान जारी कर दिया. स्कूल ने निराश होकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी. लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार बेंगलुरु हाई कोर्ट ने स्कूल के हक में फैसला सुनाया.

    150 साल पुराना स्कूल
    पीटीआई की खबर के मुताबिक बेंगलुरु के एकदम बीच में स्थित 150 साल पुराना गुड शेफर्ड कांवेंट स्कूल है. स्कूल ने अतिरिक्त फ्लोर के लिए महानगरपालिका में आवेदन दिया था. इसके लिए 1.61 लाख रुपये की फीस भी चुकाया था. लेकिन बेंगलुरु महानगरपालिका ने 69 लाख रुपये चुकाने के लिए कहा. नगरपालिका ने यह शुल्क तरक्की यानी प्रगति शुल्क के रूप में चुकाने के लिए कहा. यह स्कूल बेंगलुरु में 23 एकड़ जमीन पर स्थित है. अंततः कोर्ट ने स्कूल के हक में अपना फैसला सुनाया. जस्टिस एम नागाप्रसन्ना (M Nagapprasanna) ने कहा कि यह कानून का सत्यापित सिद्धांत है कि अगर शुल्क लगाने का कोई प्रावधान नहीं है तो इस संबंध में किसी रकम की मांग नहीं की जा सकती और यदि टैक्स लगाने का कोई प्रावधान नहीं है तो टैक्स भी नहीं लगाया जा सकता.

    अतिरिक्त फ्लोर की अनुमति का मतलब जमीन में बदलाव नहीं
    बृहत बेंगलुरु महानगरपालिका ने कोर्ट में कर्नाटक टाउन एंड काउंटी प्लानिंग एक्ट की धारा 18 का हवाला देते हुए दलील दी कि स्कूल पर प्रगति शुल्क के रूप में इतना रुपये का टैक्स बनता है. इस पर कोर्ट ने कहा कि यह धारा उन स्थितियों में लग सकती है जब आवेदन जमीन के इस्तेमाल में बदलाव (Change of land use) के रूप में दिया गया है. लेकिन स्कूल ने सिर्फ अतिरिक्त फ्लोर बनाने की मांग की है. इसलिए स्कूल यह रकम नहीं दे सकता. ऐसे में नगरपालिका की मांग को रद्द किया जाता है.

    Tags: Bengaluru, High court, School

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