बेंगलुरु हिंसा: गुरिल्ला टेक्निक का इस्तेमाल कर भीड़ ने पुलिस को पीटा और जलाई गाड़ियां

बेंगलुरु हिंसा: गुरिल्ला टेक्निक का इस्तेमाल कर भीड़ ने पुलिस को पीटा और जलाई गाड़ियां
(AP Photo)

Bengaluru Violence : बेंगलुरु में हिंसा जो हुआ वह पुलिसकर्मियों ने बहुत दिनों बाद देखा होगा तो वहीं नए रिक्रूट्स के लिए यह एक अनुभव की तरह रहा होगा.एक ऑनलाइन पोस्ट के कारण मंगलवार रात को शुरू हुई हिंसा बुधवार तड़के तक चलती रही. इसमें करीब 50 पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2020, 11:36 AM IST
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बेंगलुरु. कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति (Akhand Shrinivas murthy) के रिश्तेदार द्वारा की गई कथित विवादित फेसबुक पोस्ट के बाद भड़की हिंसा में भीड़ ने पुलिस को निशाना बनाने के लिए गुरिल्ला टेक्निक का इस्तेमाल किया. बेंगलुरु में हिंसा (Bengaluru Violence) का जो दौर चला वह कई पुराने पुलिसकर्मियों ने बहुत दिनों बाद देखा होगा तो वहीं नए रिक्रूट्स के लिए यह एक अनुभव की तरह रहा होगा. हिंसा की रात बेंगलुरु की सड़कों पर जो हुआ उसकी कभी आशंका नहीं जाहिर की गई थी.

बेंगलुरु की संकरी गलियों में हिंसक भीड़ ने गुरिल्ला टेक्निक का इस्तेमाल किया. कवलबिरासांद्रा, केजी हल्ली और डीजेहल्ली इलाके में फैली हिंसा का यह रूप शायद ही कभी किसी ने देखा हो. यह घटनाक्रम पुलकेशिनगर के विधायक अखंड श्रीनिवासमूर्ति के घर के सामने शाम 7 बजे शुरू हुआ और लगभग रात 2 बजे तक चला. 10 बजे के बाद हालात बिगड़ गए क्योंकि केजी हल्ली और डीजे हल्ली पुलिस थाने पर भीड़ ने ताला लगा दिया और पुलिस वाहनों को आग लगा दी. दो स्टेशनों पर सहकर्मियों की सहायता के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे रिइंफोर्समेंट को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मदद के लिए आ रही फोर्स को भी बोतलों, पत्थरों का सामना करना पडा.

पत्थर मारकर तोड़ी लाइट्स, फेंके पत्थर
पुलिस कमिश्नर कमल पंत ने कहा, '75 पुलिस अधिकारियों  के साथ मुझे केजी हल्ली की छोटी गलियों से चलना था. जब हम चल रहे थे, तब स्ट्रीटलाइट्स पर पत्थर फेंके गए पूरे इलाके में अंधेरा छा गया. अगले ही पल  बर्तन, पत्थर, बोतलें, टायर, लकड़ी के टुकड़े और ईंटें हम पर बरसने लगीं. हमारे कर्मियों की ढाल टूट गई और मेरे लोग घायल हो गए. तब हमने हवा में फायरिंग का आदेश दिया.'
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार एक दमकल कर्मी ने कहा, 'दो गाड़ियां पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी थीं और वाहनों में लगी आग को बुझा रही थीं. स्टेशन से आधा किलोमीटर पहले एक भीड़ ने हमारा रास्ता रोक लिया. उन्होंने हमारे वाहन के शीशे तोड़ दिए. हमें बाहर निकाला गया और उनमें से कुछ ने हमें पीटना शुरू कर दिया.खुशकिस्मती थी कि  इसी बीच पुलिस के एक दल ने हमें देखा और वह हमारी ओर दौड़ते हुआ आए, लेकिन भीड़ ने उन्हें भी घेर लिया.'



एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि केजी हल्ली की संकरी गलियों ने भीड़ को पूरा मौका दिया ताकि वे पुलिस पर हमला कर सकें. भीड़ हर जगह थी. हम एक को हटाते थे और वो दूसरे रास्ते पर आ जाते थे. हालांकि उनमें से कोई स्थानीय नहीं था.
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