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170 साल में पहली बार गैर मुसलमानों के लिए खोली गई 'मोदी मस्जिद'

D P Satish | News18Hindi
Updated: January 19, 2020, 4:58 PM IST
170 साल में पहली बार गैर मुसलमानों के लिए खोली गई 'मोदी मस्जिद'
मोदी मस्जिद

मोदी मस्जिद (Modi Mosque) को गैर मुसलमानों के लिए इसलिए खोला गया है ताकि वो उनके धर्म और मस्जिद के कामकाज को ठीक से समझ सकें.

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  • Last Updated: January 19, 2020, 4:58 PM IST
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बेंगलुरु. पिछले 170 साल में ये पहला मौका था जब बेंगलुरु में मोदी मस्जिद (Modi Mosque) को गैर मुसलमानों (Non-Muslims) के लिए खोला गया. रविवार को यहां मुसलनमानों के साथ-साथ हिंदू, सिख और ईसाई भी नजर आए. ये नजारा बेहद अनोखा था. इस मस्जिद को गैर मुसलमानों के लिए इसलिए खोला गया है ताकि वो उनके धर्म और मस्जिद के कामकाज को ठीक से समझ सकें.

आयोजकों ने 'हमारी मस्जिद को देखें' अभियान के तहत सिर्फ 170 गैर मुसलिम लोगों को एंट्री देने का मन बनाया था. लेकिन मस्जिद में दोपहर तक करीब चार सौ लोगों ने एंट्री की.

बाहर बच्चे लोगों के स्वागत में खड़े थे


समाज के हर वर्ग के लोग मस्जिद के बाहर देखे गए. जिसमें स्टूडेंट्स, लेखक, बिजनेसैन और महिलाएं भी शामिल थीं. आयोजकों ने लोगों  को साफ-साफ ये हिदायत दे रखी थी कि वो किसी राजनीतिक मुद्दे पर यहां बातचीत न करें.

मस्जिद में चार सौ से ज़्यादा लोग पहुंचे थे


यहां के शिवाजी नगर में मौजूद इस मस्जिद का पूरा नाम मोदी अब्दुल गफूर मस्जिद है. इसका नाम मोदी अब्दुल गफूर के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने मस्जिद के लिए अपनी जमीन दी थी.

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First published: January 19, 2020, 3:15 PM IST
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