कोरोना वायरस: खाड़ी देशों के अलावा अमेरिका और यूरोप में फंसे भारतीयों को कराया जाएगा एयरलिफ्ट, सरकार ने तैयार किया प्लान

कोरोना वायरस: खाड़ी देशों के अलावा अमेरिका और यूरोप में फंसे भारतीयों को कराया जाएगा एयरलिफ्ट, सरकार ने तैयार किया प्लान
सांकेतिक तस्वीर

विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) उन भारतीय नागरिकों की सूची तैयार कर रहा है जो इन देशों में फंसे है और घर वापस आना चाहते हैं

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नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण के चलते दुनिया के कई देशों में भारत के नागरिक फंसे हुए हैं. ऐसे में सरकार ने इन्हें अब वापस लाने का प्लान तैयार किया है. केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा था कि सबसे पहले खाड़ी देशों में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट किया जाएगा. अब न्यूज 18 को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यूरोप (Europe) और अमेरिका (America) में फंसे लोगों को भी वापस लाने की मंजूरी दे दी है. 7 मई से शुरू होने जा रहे इस अभियान के पहले चरण में खाड़ी देशों (Gulf Countries) से भारतीयों को लाया जाएगा.

ये है पूरा प्लान
सूत्रों के मुताबिक सरकार की पहली प्राथमिकता खाड़ी देशों में फंसे लोगों को वापस लाने की है. इसके बाद पहले हफ्ते में लंदन, सिंगापुर, सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन, कुआलालम्पुर और शिकागो में फंसे भारतीयों को देश वापस लाने की योजना बनाई जा रही है. इस अभियान में एअर इंडिया के अलावा प्राइवेट एयरलाइंस को भी रखा जाएगा. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों ने ये भी बताया है कि खाड़ी देशों से आनेवाली फ्लाइट कोच्चि और कोझिकोड जाएगी. दरअसल केरल के ज्यादातर लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं. जबकि अमेरिका और ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइट को दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में उतारा जाएगा.

नागरिकों को देना होगा किराया
विदेश मंत्रालय के साथ दूतावास और उच्चायोग उन भारतीय नागरिकों की सूची तैयार कर रहे हैं जो देश वापस आना चाहते हैं. बता दें कि सरकार इन यात्रियों का खर्चा नहीं उठाएगी. वापस लौटने के लिए इन्हें किराए देने होंगे. यात्रियों को वापस लाने का काम 7 मई से अलग-अलग फेज में शुरू होगा.



मेडिकल चेकअप
उड़ान भरने से पहले सभी यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाएगी. केवल बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी. यात्रा के दौरान इन सभी यात्रियों को स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी किये गए सभी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. इसके अलावा भारत लौटने पर यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप पर रजिस्टर भी करना होगा. सभी की मेडिकल जांच की जाएगी. जांच के बाद संबंधित राज्य सरकार उन्हें अस्पताल में या  क्वारंटाइन में दो हफ्ते के लिए रखेगी.

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