Home /News /nation /

कोविड -19 के एक ही वैक्सीन की दो खुराक देना सबसे अच्छा: WHO विशेषज्ञ

कोविड -19 के एक ही वैक्सीन की दो खुराक देना सबसे अच्छा: WHO विशेषज्ञ

विशेषज्ञों ने कहा है कि एक ही वैक्‍सीन के दो डोज लगवाना बेहतर है.  (प्रतीकात्मक फोटो)

विशेषज्ञों ने कहा है कि एक ही वैक्‍सीन के दो डोज लगवाना बेहतर है. (प्रतीकात्मक फोटो)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक पैनल ने कहा कि लोगों को एक ही कोविड -19 वैक्सीन ( Covid-19 vaccine) की दो खुराक देना सबसे अच्छा है. हालांकि जहां वैक्‍सीन की कमी हो, ऐसे देशों के लिए वैक्‍सीन के अलग-अलग डोज एक समाधान हो सकता है. इस पैनल के अध्‍यक्ष एलेजांद्रो क्रावियोटो ने गुरुवार को एक ब्रीफिंग में कहा कि हम अभी भी मानते हैं कि दो प्राथमिक खुराक के लिए एक ही टीके का उपयोग करना सबसे अच्छा तरीका है.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्‍ली. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विशेषज्ञाें के एक पैनल ने कहा कि लोगों को एक ही कोविड -19 वैक्सीन ( Covid-19 vaccine)  की दो खुराक देना सबसे अच्छा है. हालांकि जहां वैक्‍सीन की कमी हो, ऐसे देशों के लिए वैक्‍सीन के अलग-अलग डोज एक समाधान हो सकता है. इस पैनल के अध्‍यक्ष एलेजांद्रो क्रावियोटो ने गुरुवार को एक ब्रीफिंग में कहा कि हम अभी भी मानते हैं कि दो प्राथमिक खुराक के लिए एक ही टीके का उपयोग करना सबसे अच्छा तरीका है.

    उन्‍होंने कहा कि वैक्‍सीन का कॉम्बिनेशन खास तौर पर निम्‍न और मध्‍यम आय वाले देशों में एक अच्‍छा विकल्‍प हो सकता है. इसे पहले से ही कुछ सरकारें प्रयोग में ला चुकी हैं. इससे देशों को स्‍टॉक को मैनेज करने और वैक्‍सीन की कमी से निपटने में मदद मिल सकती है. उन्‍होंने कहा कि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron variant)  के फैलने के बीच ऐसा करते हुए लोगों को सुरक्षित किया जा सकता है. हालांकि यूरोपीय संघ के नियामकों ने मंगलवार को शुरुआती वैक्‍सीन शेड्यूल और बूस्‍टर के लिए दो अलग-अलग कोविड-19 शॉट्स को मिलाने का समर्थन किया है.

    ये भी पढ़ें :  Opinion: काशी विश्वनाथ कॉरीडोर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विकास के नए युग में प्रवेश करेगा बनारस

    अध्‍ययन से भी हुई है पुष्टि 

    क्रावियोटो ने कहा कि यदि देश वैक्‍सीन को मिलाते हैं, और यदि पहली खुराक एक निष्क्रिय वैक्‍सीन थी तो बेहतर होगा कि वे एक मैसेंजर आरएनए या वेक्‍टर आधारित वैक्‍सीन की दूसरी खुराक दें. उन्‍होंने कहा कि मैसेंजर आरएनए या वेक्‍टर-आधारित वाले वैक्‍सीन सबसे अच्‍छे हैं. इधर, इस सप्‍ताह की शुरुआत में ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा प्रकाशित एक अध्‍ययन से पता चला है कि एस्‍ट्राजेनेका पीएलसी या फाइजर इंक के साथ अन्‍य वैक्‍सीन को मिलाकर देने से लगभग वैसे ही परिणाम मिले, जैसे कि एक ही वैक्‍सीन के दो डोज देने पर मिलते हैं.

    ये भी पढ़ें : Omicron के चलते भारत में आई कोरोना की तीसरी लहर तो क्या होगा हाल? एक्सपर्ट ने बताया

    तीसरी खुराकें सबके लिए जरूरी नहीं 

    वहीं, WHO के स्ट्रेटेजिक एडवाइजरी ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स ऑन इम्यूनाइजेशन ने कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन के वैक्‍सीन का एक डोज ही पर्याप्‍त है जबकि इसका दूसरा डोज सुरक्षा बढ़ाने के काम आता है. पैनल ने भी दोहराया कि बूस्टर देने से पहले देशों को आम लोगों को वैक्‍सीन लगाने पर जोर देना चाहिए. पैनल ने कहा कि तीसरी खुराकें सब के लिए जरूरी नहीं हैं. ऐसे लोग जो लंबे समय से किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, या उन्‍हें निष्क्रिय टीका लगाया गया हो और उनकी उम्र 60 से अधिक हो, ऐसे लोगों को तीसरी खुराक दी जा सकती है.

    एक ही वैक्‍सीन के दो डोज लगें तो बेहतर 

    डब्ल्यूएचओ के टीकाकरण विभाग के प्रमुख केट ओ’ब्रायन ने कहा कि पैनल इस बात के लिए भरोसा दे रही है कि समान वैक्‍सीन लगनी चाहिए. इस कारण है कि अधिकतर टीके उसी प्रकार के हैं. इस कारण से डेटा उसका समर्थन करता है. हालांकि पैनल ने दो अलग-अलग वैक्‍सीन लेने वाले देशों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया न्‍यूट्रल रखी है. पैनल का कहना है कि ऐसा भी कर सकते हैं. क्रावियोटो ने कहा कि पैनल को अभी कुछ समय देना होगा कि वह ओमिक्रॉन के संबंध में कोई सिफारिश करे, क्‍योंकि अभी भी इसके लिए डेटा की आवश्‍यकता है. यह उतना खतरनाक नहीं है, जितना पहले सोचा गया था.

    Tags: Covid-19 vaccine, Omicron variant, WHO

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर