जब नायपॉल को उनकी मां ने कह दिया था- 'भारत को भारतीयों के लिए छोड़ दो'

नायपॉल को भारत पर दो किताबें- 'An Area of Darkness' और 'A Wounded Civilization'लिखने के बाद उनकी मां भारत छोड़ने को कह दिया था.

आईएएनएस
Updated: August 12, 2018, 7:11 PM IST
जब नायपॉल को उनकी मां ने कह दिया था- 'भारत को भारतीयों के लिए छोड़ दो'
नोबेल पुरस्‍कार विजेता साहित्‍यकार वीएस नायपॉल का देहांत हो गया है. (Chris Ison/PA via AP)
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Updated: August 12, 2018, 7:11 PM IST
नोबेल पुरस्‍कार विजेता साहित्‍यकार वीएस नायपॉल का देहांत हो गया है. वह भारत में आखिरी बार जनवरी 2015 में सार्वजनिक तौर पर नजर आए थे जब जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में उन्‍होंने कई मुद्दों पर बात की थी. उस समय अपने स्‍वागत को देखकर वह भावुक हो गए थे. अपनी पहली भारत यात्रा को याद करते हुए उन्‍होंने कहा था, 'मेरे पैतृक गांव को लेकर जिज्ञासा के चलते मैं भारत आया. भारत पर कुछ भी लिखने के लिए मेरे पब्लिशर मुझे एडवांस पैसे देने को तैयार थे.'

भारत पर दो किताबें- 'An Area of Darkness' और 'A Wounded Civilization' लिखने के बाद उनकी मां ने उनसे भारत छोड़ने को कह दिया था. नायपॉल ने चुटकी लेते हुए बताया, 'मेरी मां भारत से केवल एक हिंदी शब्‍द 'बेटा' लेकर गई थीं. और उन्‍होंने कहा कि बेटा भारत को भारतीयों के लिए छोड़ दो.'

नायपॉल ने जेएलएफ में दो सेशन में हिस्‍सा लिया था और फारुख ढोंडी के साथ चर्चा की थी. लेखक बनने के शुरुआती दिनों की मुश्किलों के बारे में उन्‍होंने बताया, 'मैं लेखक बनना चाहता था लेकिन मेरे पास ऐसा कुछ नहीं था जिस पर मैं लिख सकूं.' इस दौरान वरिष्‍ठ वकील राम जेठमलानी ने नायपॉल से पूछा था कि उन्‍होंने अपनी एक किताब का नाम 'An Area of Darkness' क्‍यों रखा जबकि भारत तो प्रकाश का क्षेत्र है.

इस पर नायपॉल ने जवाब दिया, 'राम मेरे दोस्‍त हैं और उन्‍होंने काफी दोस्‍ताना कमेंट किया है.' दिलचस्‍प बात है कि उस साल जेएलएफ में नायपॉल के सेशन में अमिताभ बच्‍चन और ओप्रा विन्‍फ्रे के सेशन से भी ज्‍यादा लोग शामिल हुए थे.
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