चीन से तनाव के बीच भारतीय सैनिकों के लिए 'भाभा कवच' तैयार, दुश्‍मन की गोली होगी बेअसर

चीन से तनाव के बीच भारतीय सैनिकों के लिए 'भाभा कवच' तैयार, दुश्‍मन की गोली होगी बेअसर
सैनिकों को दुश्‍मन की गोली से बचाएगी खास बुलेट प्रूफ जैकेट.

बुलेट प्रूफ जैकेट (Bullet Proof Jacket) को भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में तैयार किया गया है. ऐसे में इनका नाम 'भाभा कवच' (Bhabha Kawach) रखा गया है

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 13, 2020, 6:50 PM IST
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नई दिल्‍ली. लद्दाख में चीन (India China Stand off) के साथ वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी तनाव के बीच भारतीय सैनिकों के लिए खास तरह का कवच तैयार किया गया है. इसको पहनने के बाद दुश्‍मन की गोली भी बेअसर साबित होगी. दरअसल यह रक्षा कवच है बुलेट प्रूफ जैकेट. इस जैकेट को भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में तैयार किया गया है. ऐसे में इनका नाम 'भाभा कवच' (Bhabha Kawach) रखा गया है.

भाभा कवच का उत्‍पादन हैदराबाद के मिश्रा धातु निगम लिमिटेड (मिधानी) में किया जा रहा है. जानकारी दी गई है कि इन बुलेट प्रूफ जैकेट को अंतरराष्‍ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है. ऐसे में ये इतनी शक्तिशाली हैं कि एके 47 की गोली भी इसे नहीं भेद सकती. वहीं इन्‍हें जांचने के लिए कुछ जैकेट पैरामिलेट्री फोर्स को दी भी जा चुकी हैं.





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टाइम्‍स ऑफ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक मिधानी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर संजय कुमार झा ने बताया, 'इन बुलेट प्रूफ जैकेट्स को बड़े पैमाने पर बनाने के लिए तकनीक के साथ ही हमारी नजर दुनियाभर में तैयार हो रहे युद्ध के सामानों पर भी है. हमने इनके बड़े स्‍तर पर उत्‍पादन के लिए तकनीक को विकसित कर लिया है.'

मिधानी में तैयार हो रही इन बुलेट प्रूफ जैकेट को गृह मंत्रालय से मान्‍यता मिल चुकी है. साथ यह बीआईएस लेव 6 के मानक की हैं. इसके साथ ही मिधानी में एक बख्‍तरबंद गाड़ी भी तैयार की जा रही है. यह इतनी शक्तिशाली है कि इसके टायर पर गोली लगने के बाद भी यह 100 किमी की दूरी तय कर सकती है.

बता दें कि पूर्वी लद्दाख के पैंगोग त्सो झील के दक्षिणी छोर पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई गोलीबारी की घटना से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. 7 सितंबर की रात हुई इस झड़प के बाद फिलहाल सीमा पर शांति बनी हुई है. सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सीमा विवाद को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ मॉस्को में हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर आमने सामने तो खड़ी हैं, लेकिन इलाके में पूरी तरह से शांति बनी हुई है. बता दें कि पैंगोंग त्सो के​ फिंगर 3 और फिंगर 4 के बीच दोनों देशों के 1500 से 2000 सैनिक रातभर आमने सामने डटे रहे.
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