Home /News /nation /

bhagwant mann chose basanti turban in oath ceremony know what is it significant lak

भगवंत मान ने शपथ ग्रहण में क्यों चुनी बसंती रंग की पगड़ी? जानें क्या हैं इसके खास मायने

 भगवंत मान ने शहीदे आजम के पैतृक गांव खटकड़ कलां में कल सीएम पद की शपथ ली थी.(Twitter)

भगवंत मान ने शहीदे आजम के पैतृक गांव खटकड़ कलां में कल सीएम पद की शपथ ली थी.(Twitter)

Significance of Basanti Turban : भगवंत मान (Bhagwant Mann) के शपथ ग्रहण समारोह को पूरी तरह से बसंती रंग में सजाया गया था. भगवंत मान सहित समारोह स्थल में आए अधिकांश लोग बसंती पगड़ी और बसंती दुपट्टा पहने हुए थे. दरअसल, इस बसंती पगड़ी का खास महत्व है. बसंती रंग क्रांति और बलिदान की भावना का प्रतीक माना जाता है. भगत सिंह ने इस अपनी पहचान बनाया था. इसलिए यह शहीदे आजम भगत सिंह से भी जोड़ा जाता है. इसके अलावा बसंती रंग बसंत के आगमन का प्रतीक भी है.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. कल आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने शदीदे आजम भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. उनके शपथ ग्रहण समारोह में हर तरफ बसंती रंग छाया हुआ था. मंच की थीम भी यही थी. सभी गणमान्य लोग और अधिकांश जनता ने बसंती या पीले रंग की पगड़ी पहन रखी थीं. महिलाएं बसंती रंग के दुपट्टे में थीं. मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया सहित मंच पर सभी नेता बसंती पगड़ी में फब भी रहे थे. लेकिन क्या आपको पता है कि भगवंत मान ने बसंती पगड़ी और मंच पर बसंती रंग को क्यों चुना था?

शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही भगवंत मान ने एक वीडियो जारी कर लोगों से अपील की थी कि वे समारोह स्थल पर बसंती पगड़ी या बसंती दुपट्टा पहनकर आएं. शपथ ग्रहण समारोह स्थल की थीम भी इसलिए बसंती ही रखी गई थी.

भगत सिंह और क्रांति का प्रतीक बसंती रंग
दरअसल, बसंती रंग क्रांति और बलिदान की भावना का प्रतीक माना जाता है. भगत सिंह ने इस अपनी पहचान बनाया था. इसलिए यह शहीदे आजम भगत सिंह से भी इसे जोड़कर देखा जाता है. इसके अलावा बसंती रंग बसंत के आगमन का प्रतीक भी है. बसंत के आगमन के साथ ही खेतों में सरसों के फूल लहलहाने लगते हैं. इसके अलावा खेतों में अन्य कई तरह के बसंती रंग के फूल खिलने लगते हैं. यही कारण है कि बसंत के रंग का एक अलग महत्व है. राजनीतिक नेताओं द्वारा पहनी जाने वाली पगड़ी या टोपी का एक खास महत्व होता है जो मूक लेकिन स्पष्ट संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसमें यह बात निहित होती है कि वे क्या प्रतिनिधित्व या क्या चित्रित करना चाहते हैं.

पीएम टोपी से प्रदर्शित करते हैं विविधावादी संस्कृति
जब आम आदमी पार्टी सत्ता में आई, तो पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा गांधीवादी टोपी प्रमुखता से पहनी जा रही थी जिसमें मैं हूं आम आदमी लिखा था. इसका खास महत्व है जो गांधी से भी जुड़ा है और आम आदमी से भी जुड़ा है. उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की विविधतावादी संस्कृति के हिसाब से टोपी पहनने के लिए जाने जाते हैं. वे जब नॉर्थ ईस्ट जाते हैं तो वहां की पगड़ी पहनते हैं जबकि पंजाब में सिख पगड़ी पहनते हैं. विशेष अवसरों के लिए विशेष पगड़ी का चयन करते हैं. जामनगर पगड़ी, राजस्थानी साफा, कोल्हापुरी पगड़ी उनकी विशिष्ट रूचि को इंगित करती है. हाल ही में पीएम अहमदाबाद के दौरे पर केसरिया रंग की टोपी में थे जो भाजपा की विशिष्ट पहचान है.

Tags: Arvind kejriwal, Bhagat Singh, Bhagwant Mann, Punjab

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर