अपना शहर चुनें

States

Exclusive: भारत बंद पर बोले रविशंकर प्रसाद- तीनों कृषि कानून रद्द करने की किसानों की मांग गलत

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कानून को रद्द करने की मांग को गलत बताया
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कानून को रद्द करने की मांग को गलत बताया

Bharat Bandh: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले-मेरा किसानों से आग्रह कि आंदोलन खत्म करें. उन्होंने कहा कि कानून रद्द करने की मांग गलत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 8, 2020, 1:57 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्र की मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलित किसानों (Kisan Andolan) द्वारा आहूत भारत बंद को राजनीतिक दलों के समर्थन पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद  (Ravishankar Prasad) ने कहा है कि राजनीतिक दल किसान के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं. प्रसाद ने News18 India से बातचीत में दावा किया तीनों कानून के रहने के बाद भी मंडी और एमएसपी हमेशा जारी रहेगी. केंद्रीय मंत्री ने किसानों द्वारा तीनों कानून को रद्द करने की मांग को गलत बताते हुए कहा कि मोदी सरकार में किसान खुशहाल हो रहा है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है, किसानों के विकास और किसानों के लिए समर्पित सरकार है. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए मंडी खत्म नहीं होगी और ना ही MSP खत्म होगी. किसानों की ज़मीन पर किसी का कब्ज़ा नहीं होगा. ये आश्वासन सरकार ने किसानों को दिया है.

किसानों से काफी दिनों तक बात चलने, मीटिंगें होने और फिर भी किसानों के ना मानने के सवाल पर प्रसाद ने कहा कि हमारे सीनियर मिनिस्टर्स बात कर रहे हैं और वार्ता जारी है. उस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा. नरेंद्र मोदी जी की सरकार किसानों और उनके विकास के लिए समर्पित है. हमारी सरकार ने किसान सम्मान निधि जरिए 10 करोड़ किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये दिए.



किसानों को  कहीं और से निर्देशित किया जा रहा!
प्रसाद ने प्रसाद ने कहा कि हमारी सरकार में किसानों के लिए कई योजनाएं लाई. उन्होंने कहा कि MSP पर शुरू हुई बातचीत कानून को रद्द करने तक कैसे पहुंच गई? इसके पीछे कौन सी ताकत यह बड़े सवाल है. प्रसाद ने कहा कि नवंबर के अंत तक 60,000 करोड़ रुपये का धान MSP पर खरीदा गया है. MSP बढ़ाई भी जा रही है. हम तो काम कर के दिखा रहे हैं.



भाजपा नेता ने कहा कि किसान और सरकार की बातचीत चल रही है और हम उनकी हर बात सुनने को राजी हैं लेकिन ऐसा लगता है कि उन्हें कहीं से निर्देशित किया जा रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज