भारत-बायोटेक की बड़ी तैयारी, 70 करोड़ वैक्सीन डोज हर साल करेगी तैयार

कोवैक्सीन को भारत-बायोटेक और आईसीएमआर ने मिलकर तैयार किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोवैक्सीन को भारत-बायोटेक और आईसीएमआर ने मिलकर तैयार किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक (Bharat-Biotech) ने कहा है कि वह अपने उत्पादन क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी करने जा रही है. कंपनी के मुताबिक अब वह एक साल के भीतर 70 करोड़ वैक्सीन डोज तैयार करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 1:42 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर के बीच वैक्सीन आपूर्ति (Vaccine Supply) को लेकर कुछ राज्यों और केंद्र के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला है. वर्तमान में देश में कोरोना संक्रमण के मामले बेतहाशा बढ़ रहे हैं. वैक्सीनेशन की प्रक्रिया तेज करने के लिए सरकार ने वैक्सीन उत्पादकों से बातचीत की है. इस बीच कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक (Bharat-Biotech) ने कहा है कि वह अपने उत्पादन क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी करने जा रही है. कंपनी के मुताबिक अब वह एक साल के भीतर 70 करोड़ वैक्सीन डोज तैयार करेगी.

मंगलवार को कंपनी ने बताया कि उसे कई देशों में एमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति मिल गई है. साथ ही 60 अन्य देशों के साथ इमरजेंसी यूज पर बातचीत जारी है. जिन देशों में उसे इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति मिली है, उनमें मैक्सिको, फिलिपीन्स ईरान, पराग्वे, ग्वाटेमाला, निकारगुवा, गुयाना, वेनेजुएला और बोत्स्वाना, जिम्बाब्वे जैसे देश शामिल हैं. वहीं अमेरिका समेत कई यूरोपीय देशों में इस अनुमति को लेकर बातचीत जारी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में वैक्सीन की कीमत 15-20 अमेरिकी डॉलर प्रति डोज हो सकती है.

Youtube Video


भारत बायोटेक ने इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स (आइआइएल) के साथ समझौता किया
अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए भारत बायोटेक ने इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स (आइआइएल) के साथ समझौता किया है. दोनों कंपनियों के बीच टेक्नोलोजी ट्रांसफर पर बातचीत जारी है. बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम देश के बड़े वैक्सीन उत्पादकों के साथ बैठक की. प्रधानमंत्री ने वैक्सीन उत्पादकों से कहा है कि कम समय में उत्पादन बढ़ाने की कोशिश की जाए.

पीएम मोदी की बैठक में वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने पर जोर

इससे पहले केंद्र सरकार आगामी 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर सभी लोगों के वैक्सीनेशन की घोषणा कर चुकी है. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन को सबसे अहम हथियार माना है. इस वक्त देश में कोवैक्सीन और कोविशील्ड के जरिए ही वैक्सीनेशन किया जा रहा है. अब कोवैक्सीन की उत्पादन क्षमता बढ़ने का फायदा सीधे तौर पर भारत को भी मिलेगा. वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ाने के लिए भारत ने रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-5 को भी इमरजेंसी यूज की अनुमति दे दी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज