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भारत बायोटेक को 9 गुना बढ़ानी होगी कोवैक्सीन की सप्लाई, तभी मुमकिन है दिसंबर तक सभी वयस्कों का वैक्सीनेशन

एनआईवी और आईसीएमआर के साथ साझेदारी में हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन को तैयार किया है. (पीटीआई फाइल फोटो)

एनआईवी और आईसीएमआर के साथ साझेदारी में हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन को तैयार किया है. (पीटीआई फाइल फोटो)

Bharat Biotech Covaxin Vaccination: एनआईवी और आईसीएमआर के साथ साझेदारी में हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन के आपातकालीन प्रयोग को तीन जनवरी को मंजूरी मिली थी.

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नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में कोरोना वायरस रोधी वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) की उपलब्धता पर केंद्र सरकार के हलफनामे से यह जाहिर होता है कि अगर भारत को दिसंबर माह तक अपने सभी वयस्कों के टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करना है, तो भारत बायोटेक (Bharat Biotech) को अगले छह महीनों में एंटी कोरोना वैक्सीन (Anti Corona Vaccine) की अपनी उत्पादन क्षमता को सार्थक तरीके से बढ़ाना होगा.


एक मोटा-मोटी अनुमान यह दिखाता है कि वैक्सीन निर्माता कंपनी को अपने मौजूदा स्तर से आपूर्ति की क्षमता में कम से कम नौ गुना इजाफा करना होगा. भारत के सभी 93 से 94 करोड़ वयस्कों के टीकाकरण के लिए 187 करोड़ खुराकों में से कोवैक्सीन (Covaxin) की कुल 48 करोड़ खुराक की आपूर्ति के लिए देश भारत बायोटेक पर निर्भर है, जो कि कुल डोज का करीब 26 प्रतिशत होगा. हालांकि, देश में अब तक जितने भी खुराक दिए गए हैं, उनमें से सिर्फ 12 प्रतिशत हिस्सेदारी कोवैक्सीन की है.


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वर्तमान समय तक कोवैक्सीन की करीब 3.8 करोड़ खुराक दी जा चुकी है. जनवरी से जुलाई तक वैक्सीन की आपूर्ति के लिए केंद्र द्वारा भारत बायोटेक को 8 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया गया था. भारत बायोटेक ने 15 जून को कहा था कि उसने अब तक चार करोड़ से अधिक खुराक की आपूर्ति की है, उनमें से कुछ खुराक राज्यों के पास स्टॉक में हैं. फिर भी, भारत बायोटेक को जुलाई के अंत तक वैक्सीन की जितनी आपूर्ति करनी थी अब तक उसका आधा ही दिया है.


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इसके अलावा, भारत बायोटेक के पास अगस्त से आपूर्ति की जाने वाली 19 करोड़ खुराक का एक बड़ा ऑर्डर है और इसके लिए उसे पहले ही कुल राशि का 30 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है. यह देखते हुए कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि वह अगस्त और दिसंबर के बीच कोवैक्सीन की 40 करोड़ खुराक की उम्मीद कर रही है, इस साल के अंत में कोवैक्सीन की 21 करोड़ खुराक का एक और ऑर्डर दिया जा सकता है.


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बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत बायोटेक जुलाई और दिसंबर के बीच 44 करोड़ खुराक की आपूर्ति करने के लिए अपने मौजूदा स्तर से लगभग नौ गुना अधिक आपूर्ति करने में सक्षम होगी, जबकि उसे पिछले पांच महीनों में चार करोड़ खुराक की आपूर्ति के लिए काफी जूझना पड़ा है. वैसे तो, भारत बायोटेक ने जुलाई से शुरू होने वाली अपनी विभिन्न इकाइयों की उच्च उत्पादन क्षमता का हवाला देते हुए टीकों की आपूर्ति का वादा किया है, लेकिन अब तक का इसका रिकॉर्ड इस यकीन को बनाए रखने में संशय पैदा करता है.




सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में कहा कि भारत बायोटेक को जुलाई के अंत तक 8 करोड़ खुराक की आपूर्ति करनी है, लेकिन उसने 12 जून तक सिर्फ 2.29 करोड़ खुराक की आपूर्ति की थी. सरकार ने हलफनामे में यह भी कहा कि बीते पांच मई को वैक्सीन निर्माता कंपनी को पांच करोड़ टीकों का आदेश दिया गया था, लेकिन 12 जून तक उसमें से एक भी खुराक की आपूर्ति नहीं हुई थी. भारत बायोटेक ने मई में दिए अपने एक बयान में कहा था कि कोवैक्सीन के एक खेप के निर्माण, परीक्षण और उसे जारी करने की समय-सीमा लगभग 120 दिन थी और इसी वजह से मार्च के दौरान शुरू किए गए प्रोडक्शन बैच की सिर्फ जून महीने में ही तैयार होंगे.

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