प्रणब मुखर्जी, भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को मिलेगा भारत रत्‍न

प्रणब देश के 13वें राष्‍ट्रपति थे और 2012 से 2017 तक इस पद पर रहे थे. राष्‍ट्रपति बनने से पहले वे कई दशकों तक कांग्रेस के मजबूत स्‍तंभ रहे और वे इंदिरा गांधी के साथ भी काम कर चुके हैं.

News18Hindi
Updated: January 25, 2019, 11:28 PM IST
प्रणब मुखर्जी, भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को मिलेगा भारत रत्‍न
प्रणब मुखर्जी
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Updated: January 25, 2019, 11:28 PM IST
भारत रत्‍न के नामों का ऐलान हो गया है. इसके तहत नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मरणोपरांत यह सम्‍मान दिया जाएगा. पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी भारत रत्‍न दिया जाएगा. राष्‍ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है.

चार साल के अंतराल के बाद भारत रत्न पुरस्कार दिया जाएगा. वर्ष 2015 में नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को इस सम्मान से नवाजा गया था. इन तीन हस्तियों को यह सम्मान दिए जाने के साथ ही अब तक 48 लोगों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रणब मुखर्जी को भारत रत्‍न दिए जाने के ऐलान पर खुशी जताई है. उन्‍होंने ट्वीट कर बताया, 'प्रणब दा हमारे समय के एक शानदार नेता हैं. उन्‍होंने निस्‍वार्थ और बिना थके दशकों तक देश की सेवा की है इसने देश की विकास की दशा पर एक मजबूत निशान छोड़ा है. उनके जैसा बुद्धिमान और बुद्धिजीवी काफी कम लोग है. मुझे खुशी है कि उन्‍हें भारत रत्‍न दिया जाएगा.'

प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारिका के गीत और संगीत को हर पीढ़ी के लोग पसंद करते हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘उनसे न्याय, सौहार्द और भाइचारे का संदेश प्रसारित होता है. उन्होंने दुनियाभर में भारतीय संगीत परंपराओं को लोकप्रिय कराया. खुश हूं कि भूपेन दा को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा.’

मोदी ने कहा कि देश में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देशमुख का उत्कृष्ट योगदान गांवों में रहने वाले लोगों को सशक्त करने का नया प्रतिमान दर्शाता है. उन्होंने कहा, ‘वह सही मायने में भारत रत्न हैं.’

इस साल के भारत रत्‍न विजेता


मुखर्जी ने एक ट्वीट किया,‘मैं भारत के लोगों के प्रति पूरी विनम्रता और कृतज्ञता की भावना के साथ इस महान सम्मान भारत रत्न को स्वीकार करता हूं. मैंने हमेशा कहा है और मैं दोहराता हूं कि मुझे अपने महान देश के लोगों से उससे कही अधिक मिला है जितना मैंने उन्हें दिया है.’
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प्रणब देश के 13वें राष्‍ट्रपति थे और 2012 से 2017 तक इस पद पर रहे थे. राष्‍ट्रपति बनने से पहले वे कई दशकों तक कांग्रेस के मजबूत स्‍तंभ रहे और वे इंदिरा गांधी के साथ भी काम कर चुके हैं. मनमोहन सिंह‍ के प्रधानमंत्री रहने के दौरान वे वित्‍त मंत्रालय भी संभाल चुके हैं.

वहीं नानाजी देशमुख आरएसएस विचारक रहे हैं. संघ से जुड़े नानाजी देशमुख पूर्व में भारतीय जनसंघ से जुड़े थे. 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्होंने मन्त्री पद स्वीकार नहीं किया और जीवन पर्यन्त दीनदयाल शोध संस्थान के अन्तर्गत चलने वाले विविध प्रकल्पों के विस्तार हेतु कार्य करते रहे.

वाजपेयी के कार्यकाल में भारत सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण स्वालम्बन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिये पद्म विभूषण भी प्रदान किया. 2012 में 94 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था. वे 1977 से 1979 तक उत्‍तर प्रदेश की बलरामपुर सीट से सांसद थे. वे 1999 से 2005 तक राज्‍य सभा सांसद रहे थे.

भूपेन हजारिका असम के रहने वाले थे और वे महान गायक और संगीतकार थे. उनका 2011 में देहांत हो गया था. अपनी मूल भाषा असमिया के अलावा भूपेन हजारिका हिंदी, बंगला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे थे. उनहोने फिल्म "गांधी टू हिटलर" में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन "वैष्णव जन" गाया था.

हजारिका ने राजनीति के क्षेत्र में भी हाथ आजमाए थे. उन्होंने 2004 में भाजपा के टिकट पर गुवाहाटी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली थी. वह 1967-72 के दौरान असम में निर्दलीय विधायक भी रहे थे.

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First published: January 25, 2019, 8:35 PM IST
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