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सूरत और भरूच के कुछ खास इलाकों से पुश्तैनी घर क्यों छोड़ रही हिंदू-जैन आबादी, इसकी वजह जानकर चौंक जाएंगे आप?

सूरत और भरूच के कुछ खास इलाकों से पुश्तैनी घर क्यों छोड़ रही हिंदू-जैन आबादी, इसकी वजह जानकर चौंक जाएंगे आप?

गोपीपुरा, सूरत का सुनीश अपार्टमेंट, जहां का वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहा है. (तस्वीर- साभार, ऑप इंडिया)

गोपीपुरा, सूरत का सुनीश अपार्टमेंट, जहां का वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहा है. (तस्वीर- साभार, ऑप इंडिया)

 Demographical Changes in Surat and Bharuch in Gujarat : सूरत के गोपीपुरा (Gopipura, Surat) और भरूच के सोनिफालिया (SoniFaliya, Bharuch) जैसे कुछ इलाकों की हिंदू, जैन (Hindu Jain) आबादी इन दिनों अपने पुश्तैनी घर छोड़ रही है. इन समुदायों के कई लोग दूसरी जगहों पर जाकर बस चुके हैं.

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सूरत. गुजरात (Gujarat) से हाल ही में एक चिंताजनक खबर आई है. इसमें बताया गया है कि सूरत के गोपीपुरा (Gopipura, Surat) और भरूच के सोनिफालिया (SoniFaliya, Bharuch) जैसे कुछ इलाकों की हिंदू, जैन (Hindu, Jain) आबादी इन दिनों अपने पुश्तैनी घर छोड़ रही है. इन समुदायों के कई लोग दूसरी जगहों पर जाकर बस चुके हैं. इस तरह की खबरें सामने के बाद कुछ मीडिया संस्थानों से मौके पर जाकर इनकी तस्दीक कराई. इसमें न सिर्फ ये खबरें काफी हद तक सही पाई गईं, बल्कि इससे जुड़े कुछ पहलू तो बेहद चौंकाने वाले सामने आए.

वेब पोर्टल ‘ऑप इंडिया’ की ऐसी ही एक रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो का फुटेज मिलता है. इसमें बुरका पहने हुए एक महिला किसी परिवार से उनका फ्लैट बेचे जाने के बाबत पूछताछ करते दिखाई और सुनाई देती है. जैन परिवार (Jain Family) के किसी पुरुष की आवाज भी इसमें सुनी जा सकती है. इसमें वे गुजराती लहजे में कह रहे हैं, ‘बिल्डिंग में कोई फ्लैट नईं बेचने का है. किसने भेजा आपको इधर?’ जवाब में महिला कहती है, ‘हम लोग को मालूम पड़ा था.’ तो वे तीखे अंदाज में कहते हैं, ‘नईं, ऐसे आने का ई नईं, बिना किसी को पूछे बिना.’ इस पर महिला उखड़ते हुए कहती है, ‘वो तो हमारे वालों ने सबने लिया होता. तेरा नईं बेचने का है, तो ये बोल न कि तेरा नईं बेचने का है.’ इसके बाद फ्लैट वाले दरवाजा बंद कर लेते हैं और महिला बड़बड़ाते हुए लौट जाती है.

इस खबर के मुताबिक इस वीडियो में महिला जिस परिवार से पूछताछ करने आई, वह जैन समुदाय (Jain Community) से ताल्लुक रखता है. वीडियो फुटेज उन्हीं के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे का बताया गया है. जबकि इलाका सूरत का गोपीपुरा (Gopipura, Surat) और इमारत सुनीश अपार्टमेंट. बताया जाता है कि यह इलाका कुछ सालों पहले तक जैन-बहुल हुआ करता था. इसका प्रमाण है सुनीश अपार्टमेंट के आसपास ही महज 1 किलोमीटर के दायरे में 30 से अधिक जैन मंदिरों का होना. हालांकि आज स्थिति बदल चुकी है. यहां की करीब 50% आबादी मुस्लिम समुदाय की हो चुकी है. जैन समुदाय (Jain Community) के मालिकाने वाले कई अपार्टमेंट मुस्लिमों ने खरीद लिए हैं. वहीं इन इमारतों में रहने वाले जैन परिवार किसी और जगह चले गए हैं. अब तक सुनीश अपार्टमेंट ही रह रहे एक जैन परिवार की महिला सदस्य नाम न छापने की शर्त पर इसकी पुष्टि करती हैं. वे बताती हैं, ‘करीब 15-20 साल पहले महावीर, पिनाल, नवकार, गणेश, नीरव, पंचरत्न, रंगकला, स्वाति जैसे तमाम अपार्टमेंट जैन समुदाय के हुआ करते थे. आज इन सभी में मुस्लिम परिवार रह रहे हैं. हमारे लिए भी अब यहां रहना मुश्किल हो रहा है.’

मांसाहार, हिंसा और छेड़खानी की घटनाएं

जैन परिवारों के सदस्य बताते हैं कि गोपीपुरा (Gopipura, Surat) के श्री रत्नसागर स्कूल में भी अधिकांश बच्चे मुस्लिम समुदाय के ही पढ़ रहे हैं. अपार्टमेंट में मुस्लिम परिवारों की संख्या बढ़ने से वहां मांसाहार और पशु हिंसा आम बात हो चुकी है. जबकि जैन धर्म में अहिंसा और शाकाहार जैसे मूल्यों को बढ़ावा दिया जाता है. इस इलाके में बचे कुछ चंद परिवारों की महिलाओं की मानें तो उनकी बेटियों के साथ छेड़खानी की घटनाएं भी बीते कुछ सालों में काफी बढ़ गई हैं.

भरूच में चेतावनी- भजन हराम है

खबर के मुताबिक भरूच के सोनिफालिया (Soni Faliya, Bharuch) में भी काफी-कुछ सूरत के गोपीपुरा (Gopipura, Surat) जैसे ही हालात देखे जा रहे हैं. यहां कई मकानों में ताला लगा हुआ है. उनके मालिक उन्हें लावारिस छोड़कर जा चुके हैं. इसी इलाके में साईं जलाराम मंदिर भी है. इसके इर्द-गिर्द पहले हिंदू परिवार रहते थे. मंदिर में रोज सुबह-शाम भजन-आरती होती थी. लेकिन अब बहुसंख्य मकान मुस्लिमों ने खरीद लिए हैं. वे मंदिर में भजन-आरती पर आपत्ति जताते हैं. यह कहते हुए कि भजन हराम है. पास ही करीब 150 साल पुराना शिव मंदिर है. उसके चारों तरफ भी अब मुस्लिम परिवारों की मौजूदगी बढ़ गई है.

जैन साध्वी लिख चुकी हैं राष्ट्रपति को चिट्‌ठी

बताया जाता कि सूरत के गोपीपुरा (Gopipura, Surat) में 2014 में एक जैन साध्वी ने चातुर्मास प्रवास किया था. उस दौरान उन्होंने इलाके के हालात को बयान करते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) को पत्र लिखा था. तब प्रधानमंत्री का पद नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) संभाल चुके थे. जबकि गुजरात (Gujarat) की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल (Anandi Ben Patel) थीं. उन्होंने इन सभी को पत्र की प्रतियां भेजी थीं. इसमें उन्होंने पूरे हालात का आंखों देखा हाल लिखते हुए बताया था कि किस तरह जैन और हिंदू समुदाय (Hindu Community) के लोग अपने घर महज 2-3 लाख रुपए में बेचकर यहां से निकल रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से इस चलन को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की थी. बताया जाता है कि इसके बाद भारत सरकार ने कुछ कानूनी संशोधन जैसे कदम उठाए भी हैं. लेकिन अब तक उनका असर दिखा नहीं है.

Tags: Gujarat, Hindu-Muslim, Surat news

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