दिल्ली हिंसा: भीम आर्मी चीफ ने UN को लिखा पत्र, कहा- भारत में हो रहा गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन

दिल्ली हिंसा: भीम आर्मी चीफ ने UN को लिखा पत्र, कहा- भारत में हो रहा गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन
चंद्रशेखर आजाद (फाइल फोटो)

दिल्ली में भड़की हिंसा (Delhi Violence) को लेकर भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त को पत्र लिखा है.

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नई दिल्ली. भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से आग्रह किया है कि वह ‘भारत में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन’ की जांच करें. नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में भड़की हिंसा (Delhi Violence) को लेकर आजाद ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त को पत्र लिखा है.

चंद्रशेखर आजाद ने कहा, ‘जब मैं लिख रहा हूं तो अब तक 45 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और हर घंटे मरने वालों की संख्या बढ़ रही है. पुरुषों को पीट-पीटकर मारा जा रहा है और महिलाओं तथा लड़कियों के साथ बलात्कार हो रहा है.’

‘मूक दर्शक’ बनी रही दिल्ली पुलिस’
उन्होंने कहा, ‘हजारों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और अपना घर छोड़कर जा रहे हैं और अब तक राज्य प्रशासन पूरी तरह से विफल रहा है.’ चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ‘मूक दर्शक’ बनी रही. दलित संगठन के प्रमुख ने आरोप लगाया कि दिसंबर में इस कानून पर हस्ताक्षर होने के बाद से देश में सामाजिक-राजनीतिक स्थिति ऐसी है कि देश में ‘राज्य प्रायोजित अत्याचार ऊंचाइयां’ छू रहा है.
अब तक 47 लोगों की मौत


बता दें कि हाल ही में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, बाबरपुर, मौजपुर, शिव विहार, चांद बाग, भजनपुरा और मुस्तफाबाद में भड़की हिंसा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 200 के करीब लोग घायल हैं. जिनका इलाज दिल्ली की अस्पतालों में इलाज चल रहा है. चंद्रशेखर इससे पहले सीएए के विरोध में दिल्ली की जामा मस्जिद पर प्रदर्शन कर चुके हैं.

सक्रिय राजनीति में उतरे चंद्रशेखर
भीम आर्मी (Bhim Army) के चीफ चन्द्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने सक्रिय राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है. उनती इस घोषणा के बाद राजनीतिक पार्टियों में नफा-नुकसान को तौला जाने लगा है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्‍यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उनसे मुलाकात की. हालांकि जानकारों की माने तो चन्द्रशेखर की पार्टी के अस्तित्व में आने से सबसे ज्यादा नुकसान बहुजन समाज पार्टी को होगा.

इस पार्टी को होगा नुकसान!
गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा को जो 17 सीटें मिली थीं उनमें से 8 ऐसी सीटें हैं जिसे बसपा ने हारते-हारते जीता था. इनमें से 3 सीटों पर जीत का अंतर तो हजार वोटों से भी कम था. सहारनपुर की रामपुर मनिहारन, मथुरा की मांट, आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट को उसने बहुत मुश्किल से जीता था. इसके अलावा 5 सीटें ऐसी हैं जहां पार्टी के जीत का अंतर ढाई हजार के आसपास रहा. ये सीटें आजमगढ़ की लालगंज और दीदारगंज, गोरखपुर की चिल्लूपार, हापुड़ की धौलाना और सीतापुर की सिधौली हैं. इन सीटों पर यदि 2022 के चुनाव में चन्द्रशेखर की पार्टी लड़ी तो बसपा को नुकसान हो सकता है.

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