आरक्षण के मुद्दे पर चंद्रशेखर आजाद ने मोहन भागवत को दी खुली बहस की चुनौती

दलित संगठन भीम आर्मी (Bhim Army) के नेता चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने आरक्षण (Reservation) के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को खुली बहस की चुनौती दी है.

भाषा
Updated: August 20, 2019, 11:14 PM IST
आरक्षण के मुद्दे पर चंद्रशेखर आजाद ने मोहन भागवत को दी खुली बहस की चुनौती
चंद्रशेखर ने कहा भागवत चाहते हैं कि मुद्दे पर उनके बीच चर्चा होनी चाहिए जो आरक्षण के खिलाफ हैं. (File Photo)
भाषा
Updated: August 20, 2019, 11:14 PM IST
दलित संगठन भीम आर्मी (Bhim Army) के नेता चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने मंगलवार को आरक्षण (Reservation) के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को खुली बहस की चुनौती दी और कहा कि इसकी बजाए जाति व्यवस्था समाप्त करने पर चर्चा होनी चाहिए.

उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति (SC) से जुड़े 54 प्रतिशत लोगों के पास देश में अपनी जमीन नहीं है, जबकि एक खास जाति का दबदबा है और उसे सारे अधिकार मिले हुए हैं.

चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘वह (भागवत) चाहते हैं कि मुद्दे पर उनके बीच चर्चा होनी चाहिए जो आरक्षण के खिलाफ हैं. मैं मीडिया और संबंधित पक्षों के सामने उन्हें बहस करने की चुनौती देता हूं. हम लोगों को बताना चाहते हैं, जो हमने (दलित) जाति व्यवस्था के कारण झेला है. उन्हें सभी आंकड़ों से लैस होकर आना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आजादी के 72 वर्ष बाद 54 प्रतिशत दलितों के पास अपनी कोई जमीन नहीं है...आरक्षण व्यवस्था पर चर्चा का आह्वान कर आरएसएस ने अपनी दलित विरोधी मानसिकता को दिखाया है.’’

जाति व्यवस्था खत्म करने का करते समर्थन

चंद्रशेखर ने कहा कि अगर भागवत ने जाति व्यवस्था को खत्म करने का आह्वान किया होता तो भीम आर्मी इसका समर्थन करती. उन्होंने कहा, ‘‘जाति व्यवस्था ने देश को खोखला कर दिया है. भागवत को इस पर चर्चा करनी चाहिए.’’

भीम आर्मी के प्रमुख ने कहा कि अगर सरकार ने आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने का प्रयास किया तो समुदाय के लोग सड़कों पर उतरेंगे. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधानों को खत्म किए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इस बार हम (आरक्षण पर) निर्णय लेने के बाद बात नहीं करेंगे. इस बार, हम कुछ भी करने से पहले ही सड़कों पर उतरेंगे.’’

भागवत ने दिया था ये बयान
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गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कथित तौर पर कहा था कि जो आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं उन लोगों के बीच इस पर सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए.

कांग्रेस (Congress) के हमले और विवाद खड़ा होने के बाद आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि सर संघचालक मोहन भागवत के दिल्ली में एक कार्यक्रम में दिए गए भाषण के एक भाग पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है

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First published: August 20, 2019, 9:10 PM IST
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