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भुलई भाई: BJP के 106 साल के कार्यकर्ता, जिनसे मिलकर भावुक हुए राजनाथ सिंह

भुलई भाई: BJP के 106 साल के कार्यकर्ता, जिनसे मिलकर भावुक हुए राजनाथ सिंह

भुलई भाई की खुशी का आलम ये कि वो बार बार कहते रहे कि ये कृष्ण सुदामा की मुलाकात है.

भुलई भाई की खुशी का आलम ये कि वो बार बार कहते रहे कि ये कृष्ण सुदामा की मुलाकात है.

Rajnath Singh Met Bhulai Bhai: राजनाथ सिंह से मिलने के बाद भुलई भाई ने बताया कि 1952 में विजयदशमी (Vijayadashami) के दिन जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ जनसंघ की स्थापना हुई तभी से वे संगठन से जुड़े थे.

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नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सबसे बुज़ुर्ग कार्यकर्ताओं में एक 106 साल के श्री नारायण उर्फ़ भुलई भाई (Bhulai Bhai) से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने मुलाकात की. ये एक ऐसी मुलाकात थी, जिसने रक्षा मंत्री को भावुक कर दिया. भुलई भाई दिल्ली में थे और राजनाथ सिंह से मिलने का समय मांग रहे थे. पुराना साथ रहा है इसलिए सिंह ने कहा कि वो उनसे मिलने खुद आयेंगे. फिर रक्षा मंत्री ने दिल्ली के उत्तर प्रदेश भवन में जाकर उनसे मुलाकात की. भुलई भाई की खुशी का आलम ये कि वो बार बार कहते रहे कि ये कृष्ण सुदामा की मुलाकात है और उन्हें इस मुलाकात से ही सब कुछ मिल गया है. एक बुजुर्ग कार्यकर्ता का ऐसे स्वागत करना राजनाथ सिंह को भावुक कर गया.

राजनाथ सिंह से मिलने के बाद भुलई भाई ने बताया कि 1952 में विजयादशमी के दिन जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ जनसंघ की स्थापना हुई तभी से वे संगठन से जुड़े थे. वह दो वर्ष तक जनसंघ में राष्ट्रीय प्रचारक रहे. जब मुख्यमंत्री योगी जी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो अच्छा काम कर रहे हैं. बात जब आज की बीजेपी की हुई तो भुलई भाई ने साफ़ कहा कि वक़्त के अनुसार पार्टियों को भी बदलते रहना चाहिए.

1977 में 26 साल की आयु में पहली बार विधायक बने राजनाथ सिंह को सदन में भुलई भाई का साथ मिला था. तब भुलई भाई दूसरी बार विधायक बन कर सदन में पहुंचे थे. भुलई भाई जनसंघ के दीपक चुनाव चिन्ह पर 1974 और 1977 में कुशीनगर जिले के नौरंगिया विधानसभा से दो बार विधायक रहे. वे अपनी ईमानदार छवि और विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ से घिरे गरीबों की स्थिति का वर्णन भोजपुरी में करने के लिए काफी प्रसिद्ध हुए थे.

जनसंघ से चुनाव लड़ने के बाद जब साल 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ तो वह बीजेपी में आ गए. सक्रिय राजनीति में उतरने से पहले वह आरएसएस से जुड़े थे और देवरिया जिले के प्रचारक भी थे. श्रीनारायण उर्फ़ भुलई भाई पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से आजीवन प्रभावित रहे. उन्होंने पण्डित जी के साथ तरुण भारत, राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और आर्गेनाइजर के प्रकाशन में सम्पादन और छपाई का भी कार्य किया.

Tags: Bhulai Bhai, BJP, Rajnath Singh

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