अगर यह शर्त पूरी करते हैं मुस्लिम स्टूडेंट्स, तो मोदी सरकार जरूर देगी पैसा

अगर यह शर्त पूरी करते हैं मुस्लिम स्टूडेंट्स, तो मोदी सरकार जरूर देगी पैसा
2014 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा विधानसभा में कुल 13 महिलाएं जीत कर आईं थी

मोदी सरकार (Modi Government) ने अल्पसंख्यक (Minority) युवाओं की पढ़ाई-लिखाई के लिए पिटारा खोल दिया है. खासतौर से मुस्लिम छात्र-छात्राओं (Muslim Students) की पढ़ाई के लिए करीब आधा दर्जन छात्रवृत्ति (Scholarship) योजनाएं चलाई जा रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2019, 1:15 PM IST
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नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) ने अल्पसंख्यक (Minority) युवाओं की पढ़ाई-लिखाई के लिए पिटारा खोल दिया है. खास तौर से मुस्लिम छात्र-छात्राओं (Muslim Students) की पढ़ाई के लिए करीब आधा दर्जन छात्रवृत्ति (Scholarship) योजनाएं चलाई जा रही हैं. सरकार बनने के पहले दिन से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अगले पांच साल में 5 करोड़ छात्रों को 'प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति' देने का एलान कर चुके हैं. यानी हर साल एक करोड़ अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं की जिंदगी को खुशहाल बनाने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) भी कह रहे हैं कि '3E' यानी एजुकेशन, एम्‍प्‍लॉयमेंट और एम्पावरमेंट हमारा लक्ष्‍य है. इसे पूरा करने के लिए हम पूरी कोशिश कर रहे हैं.

मुस्लिम ल‍ड़कियों की तालीम (शिक्षा) को प्रोत्‍साहित करने के लिए 'पढ़ो-बढ़ो' अभियान चलाया जाएगा. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पढ़ाई-लिखाई के लिए पैसा मिलेगा कैसे? कौन इसके पात्र होंगे और कौन नहीं. हर स्कीम में सरकार की कुछ शर्तें होती हैं. किस योजना के लिए कौन-कौन सी शर्ते हैं वो हम आपको बताते हैं...

कक्षा एक से ऐसे लें स्कॉलरशिप का लाभ



मैट्रिक पूर्व स्कॉलरशिप योजना: यह स्कॉलरशिप सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 10वीं में पढ़ रहे अल्पसंख्यक छात्रों को प्रदान की जाती है. कम से कम 30 फीसदी स्कॉलरशिप छात्राओं के लिए तय है. इसके हकदार वैसे स्टूडेंट होते हैं जिनके अभिभावक की इनकम सालाना एक लाख रुपये से अधिक न हो. स्टूडेंट ने पिछली कक्षा में कम से कम 50 फीसदी नंबर हासिल किए हों.
बेगम हजरत महल योजना खासतौर से छात्राओं के लिए शुरु की गई है. (प्रतीकात्मक फोटो)


अगर 50 प्रतिशत नंबर मिले हैं तो आपके लिए है यह योजना

मेरिट-सह-साधन आधारित स्कॉलरशिप योजना: यह स्कॉलरशिप मान्यता प्राप्त संस्थानों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए दी जाती है. इसमें भी 30 फीसदी छात्राओं के लिए निर्धारित है. इस स्कीम में व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए 85 संस्थान लिस्टेड हैं. जिनके लिए पाठ्यक्रम का पूरा खर्च दिया जाता है. इसका लाभ वही स्टूडेंट ले सकते हैं जिनके अभिभावक की सालाना आय ढाई लाख रुपये तक हो. साथ ही स्टूडेंट ने पिछली क्लास में कम से कम 50 परसेंट अंक प्राप्त किए हों.

सिर्फ लड़कियों के लिए है यह योजना

बेगम हजरत महल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति: यह स्कॉलरशिप अल्पसंख्यक समुदायों की मेधावी छात्राओं को 9वीं से 12वीं क्लास तक के लिए दी जाती है. पात्र होने के लिए छात्राओं के माता-पिता की सालाना आय दो लाख रुपये तक होनी चाहिए. साथ ही छात्रा के नंबर पिछली क्लास में 50 फीसदी से कम नहीं होने चाहिए.

पीएचडी और एमफिल करने वाले अल्पसंख्यक छात्रों के लिए भी खास योजनाएं शुरु की गई हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)


पीएचडी और एएमफिल वालों के लिए यह है योजना

मौलाना आजाद राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति योजना: यह स्कॉलरशिप नियमित और पूर्णकालिक एम.फिल और पीएचडी पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर रहे शोध छात्रों को प्रदान की जाती है. मान्यता प्राप्त सभी विश्वविद्यालयों और संस्थानों में पढ़ाई करने वाले इसका लाभ उठा सकते हैं. इसमें भी 30 फीसदी लड़कियों के लिए तय है. उसी स्टूडेंट को इसका लाभ मिलेगा जिनके अभिभावक की वार्षिक आय छह लाख रुपये से अधिक नहीं होगी.

हर स्कॉलरशिप में न्यूनतम 30 फीसदी हिस्सा छात्राओं के लिए रिजर्व

मैट्रिकोत्तर स्कॉलरशिप योजना: यह स्कॉलरशिप सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों में कक्षा 11वीं से पीएचडी स्तर तक पढ़ रहे अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाती है. न्यूनतम 30 फीसदी स्कॉलरशिप लड़कियों के लिए तय है. इसका लाभ उन्हीं स्टूडेंट्स को मिलेगा जिनके माता-पिता की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक न हो. साथ ही स्टूडेंट ने पिछली क्लास में कम से कम 50 परसेंट नंबर हासिल किए हों.

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