यूके और अफ्रीका के कोरोना स्ट्रेन पर भी प्रभावी है Pfizer वैक्सीन- कंपनी का दावा

फाइजर की पार्टनर फर्म BioNTech ने ये दावा किया है. (फाइल फोटो)

फाइजर की पार्टनर फर्म BioNTech ने ये दावा किया है. (फाइल फोटो)

जर्मन कंपनी BioNTech ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन यूके और अफ्रीका के स्ट्रेन पर भी प्रभावी है. BioNTech ने अमेरिकी फार्मा कंपनी Pfizer के साथ मिलकर वैक्सीन विकसित की है जिसका वैक्सिनेशन अमेरिका और यूके में शुरू भी हो चुका है. सामान्य तौर पर दुनियाभर में इसे Pfizer की वैक्सीन के नाम से ही जाना जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 9:17 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए नया यूके और अफ्रीकी स्ट्रेन अजीब तरह की उलझनें लेकर आया है. सरकार से लेकर आम आदमी तक परेशान है कि क्या पुरानी वैक्सीन भी इन नए स्ट्रेन पर प्रभावी होगी? अब जर्मन कंपनी BioNTech ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन यूके और अफ्रीका के स्ट्रेन पर भी प्रभावी है. BioNTech ने अमेरिकी फार्मा कंपनी Pfizer के साथ मिलकर वैक्सीन विकसित की है जिसका वैक्सिनेशन अमेरिका और यूके में शुरू भी हो चुका है. सामान्य तौर पर दुनियाभर में इसे Pfizer की वैक्सीन के नाम से ही जाना जा रहा है. भारत में भी इस वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की अनुमति मांगी गई है.

गौरतलब है कि फाइजर की वैक्सीन के इस्तेमाल की सबसे पहले अनुमति ब्रिटेन ने दी थी. इसके बाद अमेरिका और कनाडा जैसे देशों ने भी अपने यहां मंजूरी दी. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने गुरुवार को ही टीकाकरण से संबंधी जानकारी देते हुए बताया था कि उम्रदराज लोगों को तेजी से वैक्सीन दी जा रही है. उन्होंने वैक्सिनेशन कार्यक्रम में तेजी लाने पर भी बल दिया है. हालांकि कुछ जगहों पर फाइजर की वैक्सीन के रिएक्शन की खबरें भी सामने आई हैं.

Youtube Video


इस बीच भारत भी दुनिया के सबसे बड़े वैक्सिनेशन कार्यक्रम की तैयारियों में लगा हुआ है. शुक्रवार को पूरे देश में वैक्सिनेशन का दूसरा ड्राई रन व्यापक स्तर पर किया गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि भारत ने कम समय में वैक्सीन विकसित कर काबिलेतारीफ काम किया है. कुछ ही दिनों के भीतर अपने देश में वैक्सिनेशन की शुरुआत कर देंगे.
भारत में पहले चरण में तकरीबन 30 करोड़ आबादी का टीकाकरण किया जाना है. इसमें प्राथमिकता के आधार पर फ्रंटलाइन वर्कर्स और स्वास्थ्यकर्मियों का वैक्सिनेशन किया जाएगा. पहले चरण के बाद ही अन्य लोगों के वैक्सिनेशन पर विचार किया जाएगा. अभी सरकार की प्राथमिकता में हाई रिस्क वाले लोग ही शामिल हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज