दिल्ली को छोड़ मध्यप्रदेश की ओर बढ़ा टिड्डियों का दल, यूपी-महाराष्ट्र भी पहुंच रहा

दिल्ली को छोड़ मध्यप्रदेश की ओर बढ़ा टिड्डियों का दल, यूपी-महाराष्ट्र भी पहुंच रहा
रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बुधवार को दल दिल्ली (Delhi) की ओर जाएगा, लेकिन LWO ने कहा है कि खौफनाक कीड़ों का दल राजस्थान (Rajasthan) के दौसा से धौलपुर और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना में जाने की संभावना है. ये केवल खड़ी फसलों को ही नहीं, सभी प्रकार की वनस्पतियों को नष्ट कर रहे हैं.

रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बुधवार को दल दिल्ली (Delhi) की ओर जाएगा, लेकिन LWO ने कहा है कि खौफनाक कीड़ों का दल राजस्थान (Rajasthan) के दौसा से धौलपुर और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना में जाने की संभावना है. ये केवल खड़ी फसलों को ही नहीं, सभी प्रकार की वनस्पतियों को नष्ट कर रहे हैं.

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नई दिल्ली. टिड्डा चेतावनी संगठन (Locust Warning Organisation- LWO) ने बुधवार को कहा कि टिड्डी दल के दिल्ली (Delhi) से गुजरने की उम्मीद नहीं है और उसके मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और राजस्थान (Rajasthan) की ओर बढ़ने की संभावना है.

रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बुधवार को दल दिल्ली (Delhi) की ओर जाएगा, लेकिन LWO ने कहा है कि खौफनाक कीड़ों का दल राजस्थान (Rajasthan) के दौसा से धौलपुर और मध्य प्रदेश के मुरैना में जाने की संभावना है. ये केवल खड़ी फसलों को ही नहीं, सभी प्रकार की वनस्पतियों को नष्ट कर रहे हैं.

टिड्डियों के दल को ट्रैक करने के लिये ड्रोन से रखी जा रही है नज़र
विदर्भ और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में छोटे टिड्डी दल पहुंच गए हैं. राजस्थान में और भी टिड्डियां उड़ रही हैं.
डायरेक्टरेट ऑफ़ प्लांट प्रोटेक्शन क्वारंटाइन एंड स्टोरेज एंड LWO के डिप्टी डायरेक्टर केएल गुर्जर ने कहा, “बुधवार को दिल्ली की ओर जाने वाली चेतावनी गलत है. वे अभी मुरैना की ओर जा रहे हैं."



LWO के पास 50 टीमें हैं जो वर्तमान में राजस्थान से मध्य प्रदेश तक टिड्डियों के दलों पर नज़र रख रही हैं. इन टिड्डियों को ट्रैक करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, और इसके लिये टिड्डियों के दल के आकार के आधार पर अग्निशमन कर्मियों (Fire Fighters) को तैनात किया गया है.

'सभी तरह की वनस्पतियों को नष्ट कर सकती हैं ये टिड्डियां'
गुर्जर ने कहा, “हमने राजस्थान (Rajasthan), गुजरात और मध्य प्रदेश में 47,000 हेक्टेयर में उन्हें नियंत्रित किया है. जो दल महाराष्ट्र (Maharashtra) में पहुंचे हैं, वे बहुत छोटे हैं. शुक्र है कि राजस्थान में अभी कोई भी खड़ी फसल नहीं है लेकिन वे सभी प्रकार की वनस्पतियों को नष्ट कर सकती हैं.”

LWO टीमें स्थानों के आधार पर कीटनाशक मैलाथियान 96 और क्लोरपाइरीफोस का छिड़काव कर रही हैं.

एक दिन में अपने वजन के बराबर फसल खा जाती है एक टिड्डी
रेगिस्तानी टिड्डे अपने वजन के जितना एक दिन में खा सकते हैं, जो एक दिन में लगभग पांच से 10 ग्राम होता है. बस एक छोटे दल में एक दिन में 35,000 लोगों के बराबर फसलों को खाने की क्षमता होती है. यदि टिड्डियों को रोका नहीं गया तो फसलों और वनस्पतियों पर होने वाला प्रभाव उन इलाकों में भुखमरी को बढ़ा देगा, जो पहले से ही खाद्य असुरक्षा के ऊंचे स्तर से जूझ रहे हैं.

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन ने कहा है कि पूर्वी अफ्रीका में हाल ही में हुई टिड्डों की बढ़त खतरनाक है. इसने कहा, 2.5 करोड़ से अधिक लोगों को 2020 की दूसरी छमाही में इस क्षेत्र में तीव्र खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ेगा. यमन (Yemen) में, जहां टिड्डियां कठिन पहुंच वाले इलाकों में प्रजनन कर रही हैं, 1.7 करोड़ लोग प्रभावित हो सकते हैं.

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