UP चुनाव: 2017 का फॉर्मूला आजमाएगी बीजेपी, 'बूथ जीता तो सब जीता' की रणनीति पर होगा काम

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो- Twitter)

UP Election 2022: राजधानी लखनऊ में बीजेपी (BJP) नेताओं की मैराथन बैठकें हुईं. इस दौरान नेताओं ने सीएम योगी की नेतृत्व क्षमताओं पर भरोसा जताया. पार्टी मीटिंग में मौजूद बीजेपी के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने न्यूज18 को बताया कि 2017 की तरह ब्लॉक लेवल पर काम करने को कहा गया है.

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नई दिल्ली. साल 2022 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के लिए भारतीय जनता पार्टी तैयारियों में जुटी है. उत्तर प्रदेश से यह तस्वीर साफ होती नजर आ रही है कि पार्टी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अगुआई में ही चुनाव लड़ेगी. साथ ही कहा जा रहा है कि पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए 2017 की तरह ही बूथ स्तर पर मेहनत करने का फैसला किया है. खबर है कि पार्टी इस बार 'बूथ जीता तो सब जीता' की रणनीति पर काम करेगी.

बीते मंगलवार को राजधानी लखनऊ में बीजेपी नेताओं की मैराथन बैठकें हुईं. इस दौरान नेताओं ने सीएम योगी की नेतृत्व क्षमताओं पर भरोसा जताया. पार्टी के संकटमोचक की तरह उभरे राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने भी योगी को रिकॉर्ड 8.1 लाख टीकाकरण की बुधवार को बधाई दी है. इस दौरान पार्टी मीटिंग में मौजूद बीजेपी के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने न्यूज18 को बताया कि 2017 की तरह ब्लॉक लेवल पर काम करने को कहा गया है. साथ ही लोगों तक केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से बीते पांच सालों में किए गए अच्छे कामों की जानकारी पहुंचाने के लिए कहा गया है.

एक मंत्री ने कहा, 'आखिरी बार 2017 में हमारे पास लोगों को बताने के लिए केवल केंद्र की उपलब्धियां थीं, लेकिन इस बार हमारे पास राज्य सरकार की उपलब्धियां भी हैं.' संतोष और बीजेपी के यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह बुधवार को लखनऊ में बूथ अध्यक्ष से मिलेंगे. इस दौरान यह पुख्ता किया जाएगा कि बीजेपी 2017 की रणनीति पर काम करेगी और सभी मंत्री और पदाधिकारी बूथ पर ध्यान लगाएंगे.

मंत्री ने बताया कि मीटिंग में इस बात पर भी जोर दिया गया कि लोगों को यह बताना चाहिए कि कैसे उत्तर प्रदेश जैसे बड़े आबादी वाले राज्य में एक महीने में कोरोना वायरस काबू में आ गया. साथ ही यह भी बताने के लिए कहा गया है कि टीकाकरण पूरी रफ्तार के साथ चल रहा है और 2021 के अंत तक सभी वयस्कों को टीका लग जाएगा.

एक वरिष्ठ मंत्री ने न्यूज18 को बताया कि मुफ्त राशन योजना, अनाज की रिकॉर्ड खरीदी, गन्ने का रुका हुआ भुगतान और 2017 से अब तक चार लाख नौकरियों की बात को लोगों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया है. इसके अलावा कहा गया है कि 'विपक्ष की तरफ से चलाए जा रहे अभियान का विरोध भी हो.' इस दौरान पार्टी नेताओं ने मंत्रियों की शिकायतें भी सुनीं. मंत्रियों ने बताया कि नौकरशाह बीजेपी की शिकायतों पर ध्यान नहीं देते हैं.

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राज्य में कैसा है नेताओं का मिजाज
सीएम योगी और आरएसएस के वरिष्ठ नेता मंगलवार को राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के घर पहुंचे थे. यहां सभी मौर्य के बेटे की शादी पर आशीर्वाद देने आए थे. हालांकि, मौर्य ने हाल ही में यह कह दिया था कि पार्टी नेतृत्व यह तय करेगा कि चुनाव में सीएम उम्मीदवार कौन होगा. उनके इस बयान का समर्थन बीजेपी नेता और मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने किया था.

इधर, बीजेपी यह साफ जाहिर कर चुकी है कि योगी सीएम चेहरा होंगे और दोनों उप मुख्यमंत्रियों- मौर्य और दिनेश शर्मा को प्रचार के दौरान खास तवज्जो दी जाएगी. क्योंकि बीजेपी मतदाताओं और खासतौर से ओबीसी, सवर्ण और ब्राह्मण के साथ खुद का 'सामाजिक गठबंधन' दिखा रही है.

इसके अलावा बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष एके शर्मा ने भी पार्टी के यूपी प्रमुख को पत्र लिखकर सीएम योगी के नेतृत्व में भरोसा दिखाया है. उनके इस पत्र को भी युद्धविराम की तरह देखा जा रहा है. मंगलवार को हुई पार्टी बैठक में शर्मा को भी आमंत्रित किया गया था. उनके साथ हाल ही में दल में शामिल हुए जितिन प्रसाद भी मौजूद थे. चुनाव के दौरान उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेता सवर्णों तक पहुंचेंगे. एक राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि पार्टी दलितों तक भी बड़े स्तर पर पहुंचने की तैयारी में है.

घर-घर मुलाकात
बैठक में मौजूद एक अन्य नेता ने बताया कि बीजेपी नेताओं से जमीन पर पहुंचकर प्रचार और ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलने के लिए कहा गया है. इस दौरान कोरोना वायरस के चलते अपनों को खोने वाले लोगों से मिलने और पार्टी और राज्य सरकार के खिलाफ उनकी नाराजगी को शांत करने के लिए कहा गया है. प्रदेश प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह समेत पार्टी के कई नेता पहले ही कोविड के दौरान जान गंवाने वाले परिवारों से मिल रहे हैं और मदद का वादा कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि इस प्रक्रिया को और बढ़ाया जाएगा.

इसके अलावा सीएम ने हाल ही में घोषणा की थी कि राज्य में मंत्री, विधायक, सांसद और बीजेपी के पदाधिकारी समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र गोद लेंगे, ताकि लोगों का बेहतर इलाज और कोविड-19 टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके. सीएम खुद भी कई सीएचसी और पीएचसी गोद ले चुके हैं. साथ ही बैठक में मौजूद सभी लोगों को बगैर देरी किए यह संदेश देने के लिए कह गया है कि उन्हें यहां अच्छा इलाज मिलेगा.

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