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प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षा में बड़ी चूक, बिना सुरक्षा जांच के घर में सेल्फी के लिए घुसे पांच लोग

News18Hindi
Updated: December 2, 2019, 5:18 PM IST
प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षा में बड़ी चूक, बिना सुरक्षा जांच के घर में सेल्फी के लिए घुसे पांच लोग
बीते महीने ही प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षा कम की गई थी.

गांधी परिवार को अब जेड-प्लस सुरक्षा प्रदान की गई है जिनमें सीआरपीएफ के जवान शामिल होते हैं. इससे पहले उन्हें एसीपीजी सुरक्षा मिली हुई थी.

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  • Last Updated: December 2, 2019, 5:18 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. बताया गया कि प्रियंका के घर में कम से कम पांच लोग उनके घर में घुस गए. सूत्रों के मुताबिक गाड़ी से तीन से चार लोग घुसे थे. जो खुद को कार्यकता बता रहे थे.

वहीं  दिल्ली पुलिस और दिल्ली पुलिस सुरक्षा यूनिट का साफ कहना है की उन्हें इस घटना की जानकारी नही मिली है, ना ही दी गई है. मिली जानकारी के अनुसार लोधी स्टेट में प्रियंका गांधी आवास पर  25 तारीख को 5 लोग फोटो खिंचवाने के लिए घुस गए.

इस मामले में प्रियंका गांधी के कार्यालय का कहना है कि  CRPF लापरवाही के साथ काम कर रही है. बताया गया कि मामला CRPF DG के पास है और इसकी जांच चल रही है.

सेल्फी लेने के लिए घुसे घर में!

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ब्लैक स्कॉर्पियो में सवार तीन महिलाएं और दो युवक जबरन प्रियंका के आवास में घुस आए. जानकारी दी गई कि वे पांचों प्रियंका के साथ सेल्फी लेने के लिए घर में घुस गए थे. इस मामले को लेकर प्रियंका के कार्यालय ने चिट्ठी लिखी है. बता दें कि नवंबर महीने में ही गांधी परिवार को अब जेड-प्लस सुरक्षा प्रदान की गई है जिनमें सीआरपीएफ के जवान शामिल होते हैं. इससे पहले उन्हें एसीपीजी सुरक्षा मिली हुई थी.

वहीं मामला संज्ञान में आने के बाद दिल्ली पुलिस ने एक टीम भेजी है जो प्रियंका से इस मामले बात करेगी.



SPG सुरक्षा ली गई थी वापस
सोनिया, राहुल और प्रियंका से 28 साल बाद एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली गयी. उन्हें सितंबर 1991 में 1988 के एसजीपी कानून के संशोधन के बाद वीवीआईपी सुरक्षा सूची में शामिल किया गया था. अधिकारियों ने बताया था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के परिवार को दी गयी एसपीजी सुरक्षा वापस लेने का फैसला एक विस्तृत सुरक्षा आकलन के बाद लिया गया. लिट्टे के आतंकवादियों ने 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी थी.

देश में नक्सल विरोधी अभियानों और आंतरिक सुरक्षा कार्यों के लिए एक प्रमुख बल सीआरपीएफ के पास लगभग 52 अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शामिल हैं.

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First published: December 2, 2019, 4:52 PM IST
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