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चुनावों के बीच राहुल गांधी के 'खास' नेताओं के बगावती तेवर, ये है वजह

राहुल गांधी के अध्यक्ष रहते ये दोनों ही नेता महत्वपूर्ण पदों पर थे.
राहुल गांधी के अध्यक्ष रहते ये दोनों ही नेता महत्वपूर्ण पदों पर थे.

हरियाणा (Haryana) और महाराष्ट्र (Maharashtra) में विधानसभा चुनाव (Assembly elections) है और कांग्रेस में राहुल के करीबी माने जाने वाले नेता एक-एक कर बागी तेवर में नज़र आ रहे हैं. हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर (Ashok Tanwar) के बाद अब मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरूपम (Sanjay Nirupam) ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

  • News18India
  • Last Updated: October 4, 2019, 8:34 PM IST
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दिल्ली. दो बड़े राज्यों महाराष्ट्र (Maharashtra) और हरियाणा (Haryana) में कुछ दिनों बाद विधानसभा चुनाव (Assembly elections) हैं. इस चुनावी माहौल में देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर दरार बढ़ती जा रही है. महाराष्ट्र में मुंबई के पूर्व अध्यक्ष संजय निरूपम (Sanjay Nirupam) ने पार्टी के लिए प्रचार करने से इनकार कर दिया है. वहीं हरियाणा के बड़े नेता अशोक तंवर (Ashok Tanwar) ने चुनाव सिर पर आते ही टिकट बंटवारे से नाराज़ होकर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफे की पेशकश कर दी है. इन नेताओं में खास बात ये है कि ये सब राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रहने के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर रहे.

'राहुल के लोगों को टारगेट कर रहे सोनिया के करीबी'
महाराष्ट्र कांग्रेस में पार्टी के दिग्गज नेता संजय निरूपम ने अपने द्वारा सुझाए गए नाम को खारिज किए जाने के बाद घोषणा की कि वह कांग्रेस के प्रचार अभियान में शामिल नहीं होंगे. पूर्व सांसद ने प्रेस कांफ्रेन्स कर कहा कि महाराष्ट्र में कुछ सीटों को छोड़ ज्यादातर सीटों पर पार्टी उम्मीदवार की जमानत जब्त होगी. निरूपम यहीं तक नहीं रुके. उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के करीबियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सोनिया गांधी के करीबी राहुल गांधी के लोगों को टारगेट कर रहे हैं.

News - राजनैतिक हलकों में चर्चा क्या राहुल गांधी के लोगों को टारगेट कर रहे सोनिया गांधी के करीबी
राजनैतिक हलकों में चर्चा क्या राहुल गांधी के लोगों को टारगेट कर रहे सोनिया गांधी के करीबी

हरियाणा कांग्रेस अब हुड्डा कांग्रेस


यही हाल हरियाणा का भी है. यहां टिकट बंटवारे में अपने समर्थकों की अनदेखी से नाराज कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने विधानसभा चुनाव के लिए बनी विभिन्न समितियों से इस्तीफे की पेशकश कर दी. तंवर ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें समितियों से मुक्त किया जाए और वह सामान्य कार्यकर्ता की तरह पार्टी के लिए काम करते रहेंगे. तंवर चुनाव के लिए बनी प्रदेश चुनाव समिति सहित कई समितियों में शामिल थे. उन्होंने ये दावा भी किया कि हरियाणा कांग्रेस अब 'हुड्डा कांग्रेस' बनती जा रही है. तंवर ने टिकट वितरण में मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बताया जाए कि किन मापदंडों के आधार पर टिकट दिए गए हैं.

10 जनपथ के बाहर तंवर का शक्ति प्रदर्शन
दो दिन पहले नाराज़ तंवर ने अपने समर्थकों के साथ राजधानी दिल्ली में सोनिया गांधी के घर के बाहर शक्ति प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने हरियाणा के प्रभारी ग़ुलाम नबी आज़ाद, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. तंवर ने कहा कि यह राजनीतिक हत्या करने का प्रयास हो रहा है. सोनिया गांधी ने हमेशा न्याय किया है और मुझे उम्मीद है कि हमें भी न्याय मिलेगा.

पार्टी नेतृत्व का संरक्षण?
कई जानकारों का ये भी मानना है कि निरूपम और तंवर के बागी तेवर एक सोची-समझी स्क्रिप्ट का हिस्सा हैं. जिसके तहत एक बार फिर राहुल गांधी के नेतृत्व को दोबारा से स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है. तंवर और निरूपम के बेबाक इल्ज़ामों के बावजूद जिस तरह से इन दोनों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है, उससे ये स्पष्ट है कि पार्टी नेतृत्व का कहीं न कहीं इन दोनों नेताओं को संरक्षण मिला हुआ है.

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