क्राउड फंडिंग: 1 लाख लोगों ने जुटाए 17 करोड़, नन्ही बच्ची की जिंदगी बचाने की कोशिश

जिंदगी-मौत से जूझ रही है तीरा. (तस्वीर-फेसबुक)

जिंदगी-मौत से जूझ रही है तीरा. (तस्वीर-फेसबुक)

तीरा कामत (Teera Kamat) नाम की बच्ची का इलाज मुंबई के एसआरसीसी अस्पताल (SRCC Hospital Mumbai) में इलाज चल रहा है. ये बच्ची एसएमए टाइप 1 की बीमारी से पीड़ित है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 14, 2021, 6:35 PM IST
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नई दिल्ली. दुर्लभ बीमारी से जूझ रही एक बच्ची के लिए लोगों ने 17 करोड़ रुपए की क्राउड फंडिंग कर डाली है. तीरा कामत (Teera Kamat) नाम की बच्ची का इलाज मुंबई के एसआरसीसी अस्पताल (SRCC Hospital Mumbai) में चल रहा है. ये बच्ची एसएमए टाइप 1 की बीमारी से पीड़ित है. ये बीमारी एक खास इंजेक्शन से ठीक हो सकती है. लिहाजा इसे अमेरिका से मंगाने की कोशिशें की जा रही हैं. इस इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपये है.

दरअसल इंजेक्शन की कुल कीमत करीब साढ़े 22  करोड़ है. लेकिन महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की चिट्ठी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्स के 6 करोड़ रुपए माफ कर दिए हैं. अब पैसे इकट्ठे होने के बाद माना जा रहा है तीरा की जिंदगी बचाई जा सकेगी.

तीरा के पिता मिहिर कामत के मुताबिक जन्म के वक्त लगभग सब कुछ सामान्य था. वो आम बच्चों के मुकाबले थोड़ी लंबी थी, इसी लिए उसका नाम तीर पर तीरा रखा गया, लेकिन धीरे-धीरे उसकी बीमारी के बारे में हर किसी को एहसास होने लगा. मां का दूध पीते वक़्त तीरा का दम घुटने लगता. डॉक्टरों ने कहा कि वो एसएमए टाइप 1 से पीड़ित है. साथ ही डॉक्टरों ने परिवारवालों से ये भी कहा कि इस बीमारी का भारत में भी कोई इलाज नहीं है और उनकी बच्ची 6 महने से ज्यादा ज़िंदा नहीं रहेगी. ये सब सुनकर परिवार में सन्नाटा पसर गया.

क्या है SMA टाइप 1 बीमारी?
किसी के भी शरीर में मांसपेशियों को ज़िंदा रखने के लिए एक खास जीन की जरूरत पड़ती है. ये जीन एक ऐसा प्रोटीन तैयार करता है जो मांसपेशियों को जिंदा रख सके. लेकिन तीरा के शरीर में ये जीन मौजूद नहीं है. जिन बच्चों को SMA होती है उनके दिमाग के नर्व सेल्स और स्पाइनल कोर्ड काम नहीं करते हैं. लिहाजा ऐसे हालात में दिमाग तक वो सिंग्‍नल नहीं पहुंचता है जिससे मांसपेशियों को कंट्रोल किया जा सके. ऐसे बच्चे बिना मदद के चल फिर नहीं सकते हैं. धीरे-धीरे ऐसे बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. और फिर मौत.

16 करोड़ का इंजेक्शन

मिहिर ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा था कि उसने अपने जीवन में कभी 16 करोड़ रुपये नहीं देखे, ऐसे में वे क्राउडफ़ंडिंग के जरिये पैसे जुटाने की उम्मीद जाहिर की थी. तीरा के माता-पिता ने सोशल मीडिया पर तीरा फ़ाइट्स एसएमए करके इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज बनाया और यहां उसकी कहानी शेयर की. इस पर वे तीरा के स्वास्थ्य के बारे में लगातार जानकारी देते हैं. लोगों से मदद की अपील करते हैं. उन्होंने डोनेटटूतीरा नाम का क्राउडफंडिंग पेज बनाया है.
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