राजीव प्रताप रूडी का पप्‍पू यादव पर पलटवार, बोले- राजनीतिक अपराधी से लड़ना बहुत मुश्किल

राजीव प्रताप रूडी ने पप्‍पू यादव पर पलटवार किया है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

राजीव प्रताप रूडी ने पप्‍पू यादव पर पलटवार किया है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Ambulance Controversy: राजीव प्रताप रूडी ने सबसे पहले पप्पू यादव के आपराधिक रिकार्ड का कच्चा चिठ्ठा मीडिया के सामने रख दिया. रूडी ने कहा कि पप्पू यादव ऐसा दिखा रहे हैं कि वो संत हैं और बाकी सब अपराधी हैं.

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बिहार के सारण से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी पूर्व सांसद पप्पू यादव से नाराज हैं. नाराज भी क्यों न हों- आखिर पप्पू यादव ने छपरा में उनके घर पर रखी हुई दर्जनों एंबुलेंसों को मीडिया के सामने लाकर आरोप लगाया था कि रूडी जी इसे जनता की सेवा में क्यों नहीं भेज रहे हैं. राजीव प्रताप रूड़ी ने तब भी जवाब दिया था कि उनके सैकड़ों एंबुलेंस छपरा में चल रही हैं और कोरोना के कारण कुछ ड्राइवर नहीं मिल रहे थे इसलिए वो एंबुलेंस खाली पड़ी थी. रूडी ने कहा था कि अगर पप्पू यादव ड्राइवर लेकर सामने आएं तो वो ये सभी एंबुलेंसे उन्हें देने को तैयार हैं.

इस घटना के चंद दिनों के बाद पप्पू यादव गिरफ्तार भी हो गए और आरोप लगा कि ये राजीव प्रताप रूडी के कहने पर हुआ. ऐसे में राजीव प्रताप रुड़ी खुल कर मीडिया के सामने आए और कहा कि उनकी हैसियत ही नहीं कि वो किसी को जेल भेज सकें और आज वो बीजेपी के प्रवक्ता नहीं खुद के प्रवक्ता के रूप में अपने ऊपर लगे हर आरोप का जवाब दे रहे थे.

ऐसी कोई धारा नहीं जो पप्‍पू यादव पर लगी ना हो: राजीव प्रताप रूडी

राजीव प्रताप रूडी ने सबसे पहले पप्पू यादव के आपराधिक रिकार्ड का कच्चा चिठ्ठा मीडिया के सामने रख दिया. रूडी ने कहा कि पप्पू यादव ऐसा दिखा रहे हैं कि वो संत हैं और बाकी सब अपराधी हैं. रूडी ने तंज कसते हुए कहा कि पप्‍पू मेरे मित्र हैं और अगर उन्हें मेरे घर आना था तो वो वो मुझसे पुछ ही लेते. कम से कम ऐसा उदाहरण कहीं नहीं है कि एक सांसद दूसरे के घऱ जबरदस्ती घुस रहा हो. रूडी कहते हैं कि पप्पू पहले से ही जबरदस्ती किसी के घर या दफ्तर में घुसने के शौकिन रहे हैं और इससे उन्हें ख्याति मिलती है तो ठीक है. रूडी ने पप्पू यादव को कहा कि जब वो सांसद बने थे तब मैं भी 27 वर्ष की आयु में विधायक बन के आया था. तब अजीत सरकार की हत्या हुई थी और पप्पू यादव सालों तक जेल में भी रहे थे. उस केस में उनकी रिहाई के बावजूद मामला अब तक उच्चतम न्यायालय में है. रूडी ने कहा कि उन्हें दुख होता है कि जब आपराध के नाम पर बिहार का नाम कलंकित होता है.

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रूड़ी ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सीआरपीसी की कोई भी धारा ऐसी ऩहीं है जिसमें पप्पू यादव पर चार्ज शीट नहीं हो. कुल 31 केसों में 70 धाराओं में उनके खिलाफ केस दर्ज हैं. रूडी ने आरोप लगाया कि 2014 के लोकसभा चुनावों में पप्पू यादव न अपने ऊपर चल रहे 17 केसों को छिपाया. रूडी ने कहा कि उन्होंने दुनिया भर के नेताओं का रिकॉर्ड खंगाल लिया लेकिन ऐसा आपराधिक रिकार्ड किसी का नहीं और एक राजनीतिक अपराधी से लड़ना कितना कठिन होता है ये बिहार का हर आदमी जानता है. रूड़ी ने कहा कि पप्पू यादव की सेहत को लेकर वो चिंतित हैं और इसलिए बार-बार मुझे उनकी पत्‍नी और बच्चों का ख्याल आता है. आप कितने अच्‍छे आदमी हैं ये किसी से नहीं छिपा है.

अब बात सांसद रूडी द्वारा चलायी जा रही एंबुलेंसों की. रूडी ने बताया कि वो एंबुलेंस की कोई एजेंसी नहीं चलाते. वो अपनी एंबुलेंस सेवा से सरकार के स्वास्थ्य विभाग की मेहनत और इंप्रास्टक्चर को सप्लिमेंट करते हैं. इसके लिए एक समर्पित हेल्पलाईन नंबर है जिस पर डायल कर सारण का कोई भी व्यक्ति 24 घंटे एंबुलेंस की मुफ्त सेवा ले सकता है. रूडी ने दावा किया कि राज्य सरकार के बाद अगर किसी के पास सबसे व्यवस्थित एंबुलेंस सेवा है तो वो उनके पास है और अपनी सांसद निधि से ही सारण के लोगों की सेवा में लगे हैं. रूडी ने पप्पू यादव के आरोप सिरे से नकार दिए कि उनके घर पर एंबुलेंसेंज छिपा कर रखी गई थीं.



रूडी ने बताया कि वे एंबुलेंस एक सामुदायिक केन्द्र पर लगी थीं. ये केन्द्र सरकार के नाम पंजीकृत जमीन पर है और उसे बनाने में एक-एक पैसा सरकार का लगा है. रूडी कहते हैं कि उन्‍होंने छपरा के डीएम को खत लिख कर कहा था कि मुझे ड्राइवर दीजिए क्योंकि कोरोना काल में उनकी एंबुलेंसों के लिए ड्राइवर नहीं मिल रहे थे. ऐसे ही कुछ एंबुलेंसों का बीमा होना बाकी था. रूड़ी का मानना है कि ऐसे में पप्पू यादव को उनसे या फिर डीएम से पूछना चाहिए था.

रूडी मानते हैं कि राजनीति में आरोप लगते हैं लेकिन ये गलत है कि सिर्फ लोगों को भड़काने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाएं. इसलिए अंत में उन्‍होंने पप्पू यादव को सलाह दी कि उन्हें पप्पू यादव के स्वास्थ्य की चिंता है. उम्र के इस पड़ाव पर वो झूठ नहीं बोलें और ये उम्र है पश्चात्ताप करने की जो उन्हें करना चाहिए.

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