Bihar Election Results 2020: जानें, 1951 से लेकर 2015 तक कैसे रहे हैं बिहार चुनाव के नतीजे?

साल 2005 से नीतीश कुमार सत्ता में आ गए
साल 2005 से नीतीश कुमार सत्ता में आ गए

Bihar Election Results 2020: जातिगत समिकरणों में लिपटी यहां की राजनीति ने हमेशा हर किसी को चकमा दिया है. लिहाजा यहां चुनावी नतीजों का अनुमान लगाना जोखिम भरा काम रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 10:25 PM IST
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नई दिल्ली.  एक बार फिर से बिहार (Bihar Election Results 2020) में नई सरकार बनने जा रही है. ताजा नतीजों और रुझानों के मुताबिक एक बार फिर से यहां NDA की सरकार बन सकती है. यहां की राजनीति ने एक्सपर्ट्स को हमेशा चकमा दिया है. एग्जिट पोल इस बार राज्य में बदलाव के संकेत दे रहे थे. लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है. जातिगत समिकरणों में लिपटी यहां की राजनीति ने हमेशा हर किसी को चकमा दिया है. लिहाजा यहां चुनावी नतीजों का अनुमान लगाना जोखिम भरा काम रहा है. आईए एक नजर डालते हैं बिहार की राजनीति पर.

कांग्रेस का दबदबा
आज़ादी के बाद बिहार में पहली बार 1951 में चुनाव हुए थे. उन दिनों दिल्ली से लेकर लगभग हर राज्य में कांग्रेस का बोलबाला था. लिहाजा बिहार में 1951 से लेकर 1967 तक यहां कांग्रेस का राज रहा. इस दौरान सबसे पहले यहां श्री कृष्ण सिन्हा 1961 तक मुख्यमंत्री रहे. इसके बाद कांग्रेस ने दीप नायराण सिंह, बिनोदानंद झा और केबी सहाय को मुख्यमंत्री बनाया. करीब एक साल तक जन क्रांति दल और फिर सम्युक्त सोसलिस्ट पार्टी की सरकार बनी. 1968 में फिर से कांग्रेस की वापसी हुई. पहले हरिहर सिंह और फिर भोला पासवान शास्त्री को सीएम बनाया गया. दरोगा प्रसाद राय भी करीब एक साल के लिए बिहार के सीएम बने.

कांग्रेस की करारी हार
साल 1977 में कांग्रेस को जनता पार्टी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा. उन दिनों कर्पूरी ठाकुर बिहार के सीएम बने थे. लेकिन इसके बाद 1980 से 1989 तक एक बार फिर से कांग्रेस की वापसी हुई. जगन्नाथ मिश्र दो बार सीएम बने. इसके अलावा चंद्रशेखर सिंह, बिंदेश्वरी दुबे, भागवत झा आज़ाद और सतेंद्र सिन्हा बिहार से सीएम बने. 1980 के चुनाव में कांग्रेस को 324 में से 169 सीटों पर जीत मिली थी. 1985 में कांग्रेस ने 196 सीटों पर बाज़ी मारी थी. संकेत मिलने लगे थे कि अब कांग्रेस के लिए ज़मीन खिसकने लगी है.



बिहार में लालू राज़
साल 1990 में पहली बार लालू प्रसाद यादव की सरकार बनी. उनकी पार्टी जनता दल ने मुस्लिम और यादव का ऐसा समीकरण तैयार किया कि दूसरी पार्टियों के होश उड़ गए. 7 सालों तक लालू यादव ने राज किया. चारा घोटाले में सज़ा हुई तो उन्होंने सीएम की कमान अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सौंप दी. अगले करीब तीन साल तक राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री रहीं. यानी लालू के परिवार का राज करीब 10 सालों तक रहा.



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नीतीश का राज
साल 2005 से नीतीश कुमार सत्ता में आ गए. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी के हाथों हार के बाद नीतीश ने इस्तीफा दे दिया. इसके बाद 278 दिनों के लिए जीतन राम मांझी सीएम बने. साल 2015 में लालू यादव की पार्टी ने नीतीश से हाथ मिलाया. जीत मिली. तेजस्वी यादव बिहार के उपमुख्यमंत्री बने. लेकिन 8 महीने में ही नीतीश ने हाथ खींच लिए. लालू का परिवार सत्ता से फिर बेदखल हो गया. नीतीश ने बीजेपी से हाथ मिलाकर फिर से सरकार बना ली.
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