बिहार चुनाव में लोजपा लगाएगी- 'मोदी से बैर नहीं, नीतीश तेरी खैर नहीं' का नारा! आज हो सकता है ऐलान

 (PTI Photo)
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Bihar Elections 2020: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने संकेत दिए हैं कि यदि सीटों का ‘सम्मानजनक’ बंटवारा नहीं हुआ तो वह राज्य की 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 3, 2020, 11:34 AM IST
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नई दिल्ली/पटना. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और अध्यक्ष जे पी नड्डा (JP Nadda) जैसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं ने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष चिराग पासवान के साथ बीते दिनों बैठक कर बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे के मामले को सुलझाने का प्रयास किया. वहीं लोजपा सूत्रों के मुताबिक पासवान ने इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री और राजग के प्रमुख घटक दल जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश को लेकर पार्टी की शिकायतों से अवगत कराया. इस दौरान उन्होंने 143 सीटों पर चुनाव लड़ने के पार्टी के अंदरूनी दबाव के बारे में भी भाजपा नेताओं को बताया. लोजपा के एक नेता ने बताया, 'बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है.' उक्त नेता ने बताया कि शाह ने बैठक में स्पष्ट किया कि लोजपा के साथ भाजपा का कोई मतभेद नहीं है.

माना जा रहा है कि लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) एनडीए गठबंधन से बाहर निकलकर 143 सीटों पर 'मोदी से बैर नहीं, नीतीश तेरी खैर नहीं' या 'मोदी के साथ कोई दुश्मनी नहीं' के नारे के साथ चुनाव लड़ सकती है. द हिंदू में छपी रिपोर्ट के अनुसार लोजपा उन 143 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिनपर भाजपा ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारने की पेशकश की है. एलजेपी ने बीजेपी को आश्वासन दिया है कि वह चुनाव के बाद के हालात में सीएम उम्मीदवार के लिए बीजेपी के उम्मीदवार का समर्थन करेगी.

जदयू के खिलाफ उम्मीदवार उतारने में संकोच नहीं- LJP
एलजेपी ने शनिवार को पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक बुलायी है, ताकि आगे का रास्ता तय किया जा सके. सूत्रों के अनुसार, सीएम नीतीश कुमार के साथ रिश्ते ठीक ना होने के कारण चिराग पासवान ने पहले कहा था कि वह जनता दल यूनाइटेड जद (यू) के खिलाफ उम्मीदवार उतारने में संकोच नहीं करेंगे.
एलजेपी ने कहा कि वह गठबंधन से बाहर नहीं होगी, क्योंकि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए के साथ गठबंधन में है. कहा जा रहा है कि एलजेपी गठबंधन में भाजपा के प्रतिनिधि के रूप में काम करेगी. इसके पीछे यह सोच है कि जेडीयू की सीटों पर नीतीश विरोधी वोटों के साथ मोदी समर्थक वोटों को भी अपनी ओर खींचा जाए. रिपोर्ट में कहा गया है कि लोजपा ने इसे भाजपा और एलजेपी दोनों के लिए जीत की स्थिति बताई है.



बुधवार को सीट बंटवारे पर हुई थी बैठक
इससे पहले बुधवार को भाजपा नेताओं की सीटों के बंटवारें को लेकर बैठक हुई थी. शाह उस बैठक में भी शामिल हुए थे. आज की बैठक में भी शाह की मौजूदगी से संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा ने सीटों के बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों से अंतिम दौर की बातचीत से पहले अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है. आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जल्द ही सीटों के बंटवारे को लेकर घोषणा की जाएगी और चार या पांच अक्टूबर को पहले चरण के मतदान वाली सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी.

पहले चरण के तहत राज्य की 243 में से 71 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया गुरुवार को आरंभ हो जाएगी, जो आठ अक्टूबर तक चलेगी. लोजपा ने संकेत दिए हैं कि यदि सीटों का'सम्मानजनक’’ बंटवारा नहीं हुआ तो वह राज्य की 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है. वर्ष 2015 के चुनाव में लोजपा 42 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसे महज दो ही सीटों पर जीत मिल सकी थी. उस चुनाव में जद(यू) महागठबंधन का हिस्सा था. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के साथ मिलकर उसने राजग को पटखनी दी थी.
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