राजधानी की विलेन हैं मोटरसाइकिलें

Priya Gautam | News18Hindi
Updated: November 15, 2017, 3:19 PM IST
राजधानी की विलेन हैं मोटरसाइकिलें
दिल्‍ली में कारों से तीन गुना ज्‍यादा प्रदूषण फैलाते हैं दोपहिया वाहन
Priya Gautam | News18Hindi
Updated: November 15, 2017, 3:19 PM IST
दिल्‍ली में प्रदूषण लोगों का दम घोंट रहा है. एक तरफ जहां प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों पर पाबंदी लगाने की मांग हो रही है, वहीं कारों के लिए ऑड-ईवन लागू करने का मसला भी कोर्ट में चल रहा है. लेकिन हकीकत कुछ और ही है.

आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्‍ली की विलेन कारें नहीं हैं बल्कि सड़कों पर जिग-जैग स्‍टाइल में दौड़ने वाले, जाम की स्थिति में डिवाइडर पर चढ़ाकर निकाली जाने वाले और दिल्‍ली में सबसे ज्‍यादा संख्‍या में रजिस्‍टर्ड दोपहिया वाहन हैं. इनमें भी मोटरसाइकिलों की संख्‍या सबसे ज्‍यादा है.

दिल्‍ली में वाहन और वाहनों से फैलने वाले प्रदूषण का प्रतिशत

वाहन                    प्रदूषण का प्रतिशत

ट्रक                         46 फीसदी

दोपहिया                  33 फीसदी

कारें                        10 फीसदी

बसें                          5 फीसदी

ऑटो आदि               4 फीसदी

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दोपहिया वाहन.


दिल्‍ली के परिवहन विभाग में कुल 1.6 करोड़ वाहन रजिस्‍टर्ड हैं. विभाग के मुताबिक दिल्‍ली में दोपहिया वाहनों की संख्‍या सबसे ज्‍यादा है. 2017 में दोपहिया वाहनों की संख्‍या 68.3 लाख है. जबकि कारों की संख्‍या कम है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्‍ली में पीएम 10 और पीएम 2.5 फैलाने वाले वाहनों में सबसे बड़ा हिस्‍सा ट्रकों का है. जिनकी प्रदूषण में 46 फीसदी हिस्‍सेदारी है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सीमाओं पर चौकसी कर और दिल्‍ली से ट्रकों को बाईपास कर ट्रकों को नियंत्रित किया जा सकता है.

दूसरे नंबर पर मोटरसाइकिलें हैं, जिनकी प्रदूषण फैलाने में 33 फीसदी हिस्‍सेदारी है. इनपर रोक  लगाना मुश्किल है. साथ ही अभी तक ये ऑड-ईवन के दायरे में भी नहीं थी. ऐसे में सबसे बड़े कारक के रूप में मोटरसाइकिलें सामने आ रही हैं.

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दिल्‍ली में प्रदूषण


आमतौर पर कारों को जिम्‍मेदार बताने से पहले समझना होगा कि सिर्फ 10 फीसदी प्रदूषण कारों के माध्‍यम से हो रहा है. बसों का हिस्‍सा 5 फीसदी है जबकि अन्‍य हल्‍के वाहनों का 4 फीसदी है.

बता दें कि यह रिपोर्ट दिल्‍ली सरकार ने 2012 में आईआईटी कानपुर से कराना तय की थी. जिसकी रिपोर्ट आईआईटी कानपुर ने 2015 में दिल्‍ली सरकार में जमा की.

मोटरसाइकिलों को ऑड-ईवन से बाहर करना चाहती है सरकार

दिल्‍ली में दोपहिया वाहनों को लेकर दिल्‍ली सरकार असमंजस में है और बार-बार नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल से फटकार खा रही है. मोटरसाइकिलों और दोपहिया वाहनों को ऑड-ईवन से बाहर करने की मांग लेकर दिल्‍ली सरकार ने एक बार फिर एनजीटी का दरवाजा खटखटाया. हालांकि एनजीटी ने किसी भी दोपहिसा को छूट देने से मना कर दिया है.
First published: November 15, 2017
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