लाइव टीवी
Elec-widget

बिंदु अम्मिनी की SC से मांग- 'केरल सरकार को दिया जाए सबरीमाला जाने वाली महिलाओं की रक्षा का आदेश'

News18Hindi
Updated: December 2, 2019, 6:21 PM IST
बिंदु अम्मिनी की SC से मांग- 'केरल सरकार को दिया जाए सबरीमाला जाने वाली महिलाओं की रक्षा का आदेश'
अम्मिनी पर हाल ही में 26 नवंबर को मिर्च पाउडर से तब हमला हुआ था (फाइल फोटो, PTI)

अपनी याचिका (Petition) में बिंदु अम्मिनी (Bindhu Ammini) ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के फैसले में केरल सरकार को महिलाओं की रक्षा किए जाने का आदेश दिए जाने की बात कही थी. 2018 के इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने महिलाओं को सबरीमाला मंदिर (Sabrimala Temple) में प्रवेश की अनुमति दी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2019, 6:21 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. एक्टिविस्ट बिंदु अम्मिनी (Activist Bindhu Ammini), जो कि पिछले साल सबरीमाला (Sabrimala) जाने वाली दो महिलाओं में से एक महिला हैं. सोमवार को वे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सभी उम्र और धर्म की महिलाओं की सुरक्षित प्रवेश (Safe Entry) के लिए अपनी याचिका (Petition) लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं.

अपनी याचिका में अम्मिनी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 2018 के रिव्यू के फैसले में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिरों में प्रवेश (Temple Entry) की अनुमति दी थी और इस पर कोई रोक नहीं लगाई थी. ऐसे में केरल सरकार को सबरीमाला जाने वाली महिलाओं को सुरक्षा जरूर देनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने 7 जजों की बेंच को सौंपा मामला
अम्मिनी, कनकदुर्गा नाम की दूसरी महिला के साथ, सितंबर, 2018 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के किसी भी उम्र की महिला के मंदिर में प्रवेश के निर्णय के बाद 2 जनवरी को इस पर्वतीय धर्मस्थल के अंदर गई थीं. इन महिलाओं को पुलिस सुरक्षा (Police Security) में ले जाया गया था.

हालांकि 14 नवंबर को एक बड़ी 7 जजों की बेंच वाली अपेक्षाकृत बड़ी बेंच को इस मामले को तय करने का जिम्मा सौंपा था. जिसके बाद केरल सरकार ने इस मुद्दे पर अपना रुख बदल दिया है. इस बेंच को सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे के साथ ही मुस्लिम महिलाओं के मस्जिदों में प्रवेश और दाऊदी बोहरा समुदाय (Dawoodi Bohra Community) में बच्चियों के खतने जैसे मसले को तय करने की जिम्मेदारी भी दी है.

सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बिना पुलिस ने सुरक्षा देने से किया इंकार
सुप्रीम कोर्ट के किसी 'स्टे' के आदेश को न देने के बावजूद, केरल पुलिस (Kerala Police) ने कहा है कि वे किसी भी महिला को तब तक सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराएंगे, जब तक कोर्ट इसके लिए आदेश नहीं देता. अम्मिनी पर हाल ही में 26 नवंबर को मिर्च पाउडर से तब हमला हुआ था जब वे पुणे बेस्ड एक्टिविस्ट तृप्ति देसाई के साथ धर्मस्थल में जा रही थीं.
Loading...

उन्होंने केरल सरकार (Kerala Government) को पुलिस सुरक्षा न दिए जाने के लिए लताड़ा भी था और कहा था कि रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में भी कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में सुरक्षा के मसले पर किसी तरह की सफाई की कमी नहीं है.

'सुप्रीम कोर्ट के फैसले में सुरक्षा पर किसी सफाई की कमी नहीं': अम्मिनी
अम्मिनी ने कहा था, "हाल ही में आए फैसले में सुरक्षा को लेकर दी गई सफाई में कोई कमी नहीं है. जिन्हें इसमें किसी तरह की कमी दिखती है, उन्हें सफाई मांग लेनी चाहिए. इसके बजाए, सरकार जिम्मेदारियों से भागने की कोशिश कर रही है. सभी राजनीतिक दल (Political Parties), सबरीमाला मुद्दे के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं. उनके नजरें अपने-अपने वोटबैंक पर लगी हुई हैं."

यह भी पढ़ें: अयोध्या फैसले पर रिव्यू पिटिशन- SC ने बाबरी ध्वंस के लिए हिंदुओं को दिया ईनाम

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 2, 2019, 6:19 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com