त्रिपुरा: सिख-जाट के बारे में CM बिप्लब देव का विवादित बयान- 'उनके पास कम दिमाग'

त्रिपुरा: सिख-जाट के बारे में CM बिप्लब देव का विवादित बयान- 'उनके पास कम दिमाग'
त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब पहले भी अपने विवादित बयानों के चलते चर्चा में रहे हैं (फाइल फोटो)

त्रिपुरा (Tripura) के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब (CM Biplab Kumar Deb) अक्सर अपने बयानों के चलते चर्चा में रहते हैं. वे पहले भी कई विवादित बयान (Controversial Statements) देते रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 21, 2020, 12:15 AM IST
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नई दिल्ली. त्रिपुरा (Tripura) के मुख्यमंत्री बिप्लब देब (CM Biplab Deb) ने एक बार विवादित बयान (Controversial Statement) दिया है. इस बार, उन्होंने यह समझाने की कोशिश की है कि कैसे और किस तरह से देश में अलग-अलग समुदायों को जाना जाता है- इस दौरान उन्होंने पंजाब (Punjab) में पंजाबियों से लेकर हरियाणा (Haryana) में जाटों तक और फिर आखिर में बंगालियों तक के बारे में बात की. अगरतला (Agartala) प्रेस क्लब के एक कार्यक्रम में बिप्लब देब ने कहा, "अगर हम पंजाब के लोगों के बारे में बात करते हैं, तो हम कहते हैं, वह एक पंजाबी, एक सरदार है. सरदार किसी से डरते नहीं हैं. वे बहुत मजबूत हैं, लेकिन उनके पास कम दिमाग है. कोई भी उन्हें ताकत से नहीं बल्कि प्यार और स्नेह से जीत सकता है."

उन्होंने आगे कहा, "मैं आपको हरियाणा (Haryana) के जाटों के बारे में बताता हूं. वे कहते हैं कि जाट (Jats) कम बुद्धिमान हैं, लेकिन शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं. यदि आप एक जाट को चुनौती देते हैं, तो वह घर से अपनी बंदूक (Gun) ले आएगा." वे इतने पर ही नहीं रुके और उन्होंने आगे कहा, "बंगाल (Bengal) या बंगालियों के लिए, यह कहा जाता है कि उन्हें बुद्धिमत्ता के संबंध में चुनौती नहीं देनी चाहिए. बंगालियों को बहुत बुद्धिमान के रूप में जाना जाता है और यह भारत में उनकी पहचान है. प्रत्येक समुदाय को एक निश्चित प्रकार और चरित्र के साथ जाना जाता है."

अप्रैल में असम और मणिपुर के कोरोना मामलों की गलत जानकारी दे दी थी
यह पहली बार नहीं है कि बिप्लब देब ने ऐसे मुद्दों पर व्यापक जनसमुदाय को खांचे में बांटने वाले या तथ्यात्मक त्रुटियों वाले बयान दिए हैं. कुछ महीने पहले उन्होंने 3 अप्रैल को ऐसा किया था. उन्होंने पड़ोसी राज्यों असम और मणिपुर में कोविड-19 पॉजिटिव मामलों के गलत आंकड़े दिए.
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उन्होंने कहा था, "हमारे पड़ोसी करीमगंज में, 16 कोविड-19 पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए. मणिपुर में उन्नीस मामले दर्ज किए गए. इसीलिए हमने त्रिपुरा की सीमा को सील कर दिया है." जबकि वास्तव में, करीमगंज में केवल एक मामला दर्ज किया था और मणिपुर केवल दो थे.
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