त्रिपुरा: ब्रू शरणार्थियों को मिल रहे अपने घर, CM बिप्लब देब ने बताया ऐतिहासिक कदम

कार्यक्रम में मौजूद रहे मुख्‍यमंत्री बिप्‍लब कुमार देब. (File pic)

कार्यक्रम में मौजूद रहे मुख्‍यमंत्री बिप्‍लब कुमार देब. (File pic)

मुख्‍यमंत्री बिप्‍लब कुमार देब (Biplab Kumar Deb) ने कहा कि 23 वर्षों के बाद ब्रू शरणार्थियों की समस्या का न सिर्फ स्थाई समाधान निकला है बल्कि अपनी पहचान और अपने मकान के उनके सपने भी पूरे हो रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2021, 9:59 PM IST
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नई दिल्‍ली. लंबे अरसे से लंबित ब्रू शरणार्थियों (Bru Refugees) के अपना घर और अपनी पहचान के पूरे हो रहे सपने के अवसर पर त्रिपुरा (Tripura) के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब (Biplab kumar Deb) स्वयं साक्षी बने. कदम को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री बिप्लव देब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि पीएम मोदी और गृहमंत्री के मार्गदर्शन के बिना यह कार्य संभव नहीं था. धलाई जिले के हादुकुलूक में ब्रू शरणार्थियों के लिए बन रही पुनर्वासन कालोनी का गुरुवार को मुआयना करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने यहां रह रहे ब्रू शरणार्थियों से मुलाकात की.

इस अवसर पर देब ने कहा कि 23 वर्षों के बाद ब्रू शरणार्थियों की समस्या का न सिर्फ स्थाई समाधान निकला है बल्कि अपनी पहचान और अपने मकान के उनके सपने भी पूरे हो रहे हैं. मुख्यमंत्री विप्लव देव ने कहा कि ये हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है. 23 साल से ये लोग जिस तरह की यातना सहन कर रहे थे. हम उस यातना का तभी एहसास कर पाएंगे जब नो हमारे साथ गुजरता है. 23 साल से ब्रू शरणार्थियों को अपने ही देश में शरणार्थी बनकर रहना पड़ रहा था. लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की पहल के कारण ही उनके इस समस्या का समाधान हुआ.

ब्रू लोगों से एकजुटता के साथ रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री देब ने कहा कि आज उनके जीवन का पहला दिन है. इस दिन उनके रियांग भाई-बहन पीएम मोदी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेंगे और नया जीवन व्यतीत करेंगे. मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि त्रिपुरा में हम सब जाति और जनजाति मिलकर एक नया त्रिपुरा बनाएंगे. मुख्यमंत्री बिप्लव देव ने रियांग नेताओं से आग्रह किया कि शरणार्थी कैंपों में रह रहे सभी ब्रू भाई-बहन जल्द से जल्द पुनर्वास के लिए आवंटित अपने स्थानों पर आ जाएं.

उन्‍होंने ब्रू शरणार्थी और पुनर्वास स्थल के बगल के लोगों से अपील की कि सभी लोग आपस में मिलजुल कर शांति से रहें. देब ने बताया कि कोविड की परिस्थिति में भी राज्य सरकार रुकी नहीं थी और 13 स्थानों पर पुनर्वासन की व्यवस्था शुरू की है. इन इलाकों में धलाई जिले के हादुकुलूक में 204 परिवार कंचनपुर के कैंपों से आकर यहां रहने लगे हैं. अन्य 250 परिवारों ने भी इस स्थान पर ही आने की इच्छा जताई है. देब ने इसके लिए राज्य के मुख्यसचिव और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दे दिए हैं कि जो इन बस्तियों में आना चाहते हैं उन्हे यहां बसाया जाए.


एक अनुमान के मुताबिक कुल 37140 रियांग को त्रिपुरा सरकार नया जीवन प्रदान करेगी. प्रधानमंत्री जी ने इन शऱणार्थियों को बसाने के लिए केन्द्र सरकार की तरफ से आर्थिक रूप से सहायता भी प्रदान की है. इस पुनर्वास की परियोजना पर 1300 करोड रूपये खर्च होंगे. जिसमें से 600 करोड का फंड राज्य को प्राप्त हो गया है. बता दें कि इनके पुनर्वास की व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार ने 600 करोड़ रुपये का पैकेज प्रदान किया ह. ब्रू शरणार्थी अब अपने कैंपों से हटकर त्रिपुरा सरकार द्वारा बनाए जा रहे पुनर्वासन कालोनी में आकर बसने लगे हैं.
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