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Bird Flu: पंजाब में दूसरे राज्यों से आने वाले पोल्ट्री प्रोडक्ट पर 7 दिनों की लगी रोक

पंजाब में दूसरे राज्यों से आने वाले पोल्ट्री प्रोडक्ट पर लगी रोक (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
पंजाब में दूसरे राज्यों से आने वाले पोल्ट्री प्रोडक्ट पर लगी रोक (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

बता दें कि हरियाणा (Haryana) के बरवाला में रहस्यमयी तरीके से करीब एक लाख मुर्गी और चूजों की मौत हो चुकी है. बरवाला में मुर्गियों के मरने की पहली खबर 5 दिसंबर को आई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2021, 8:00 AM IST
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चंडीगढ़. कोरोना महामारी के बीच अब बर्ड फ्लू (Bird Flu) ने नई परेशानी खड़ी कर दी है. देश के 6 राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकारों ने इस संबंध में कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं. बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए पंजाब सरकार (Punjab Government) ने दूसरे राज्यों से आने वाले मीट (Meat), मुर्गों (Chicken) और अंडों (Eggs) पर अगले सात दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. पंजाब सरकार की ओर से ये फैसला तब लिया गया है जब मीडिया में खबर आई थी कि हरियाणा के पोल्ट्री और अंडों को पंजाब में डंप किया जा रहा है.

हरियाणा के बरवाला में तेजी से मर रहीं मुर्गियों की वजह से इलाके में एवियन फ्लू का खतरा बढ़ गया है. बता दें कि बरवाला में रहस्यमयी तरीके से करीब एक लाख मुर्गी और चूजों की मौत हो चुकी है. बरवाला में मुर्गियों के मरने की पहली खबर 5 दिसंबर को आई थी. बरवाला क्षेत्र के 110 मुर्गी फार्मों में से लगभग दो दर्जन फार्मों में मुर्गियों की रहस्यमय तरीके से मौत हो चुकी है. मुर्गियों की मौत के बाद अब पंचकूला जिला प्रशासन हरकत में आया है.

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि अब तक केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और गुजरात में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. सरकार ने इन छह राज्यों को कार्य योजना के अनुसार इस बीमारी पर काबू पाने का निर्देश दिया है. दिल्ली के हस्तसाल विलेज के डीडीए पार्क में भी 16 पक्षियों की आकस्मिक मौत की खबर मिली है और नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है.
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मुर्गियों में इस घातक बीमारी का अब तक नहीं पता चला
पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के सचिव अतुल चतुर्वेदी ने कहा है कि अलग अलग जगहों से पक्षियों के मरने की खबर आ रही है लेकिन इसको लेकर दहशत में आने की जरूरत नहीं है. पक्षियों में फैले संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए प्रयास जारी है. उन्होंने कहा कि अभी तक मुर्गियों में इस घातक बीमारी का पता नहीं चला है. उन्होंने कहा कि अभी तक प्रवासी पक्षियों, कौवों और बत्तखों में ही यह घातक वायरस पाया गया है. चतुर्वेदी के मुताबिक अब तक चार राज्यों - राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल में ही इसके मामले सामने आए हैं.
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