30 जुलाई को बीजेपी की बड़ी बैठक, जम्मू-कश्मीर पर हो सकता है ये फैसला

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, भाजपा महासचिव राममाधव, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता इस बैठक में शामिल होंगे. वहीं पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

भाषा
Updated: July 28, 2019, 11:22 PM IST
30 जुलाई को बीजेपी की बड़ी बैठक, जम्मू-कश्मीर पर हो सकता है ये फैसला
पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे. (PTI)
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Updated: July 28, 2019, 11:22 PM IST
जम्मू कश्मीर की राजनीतिक स्थिति तथा वहां होने वाले विधानसभा चुनाव (जब भी हो) की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश इकाई के कोर समूह की बैठक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुलायी गयी है. सूत्रों ने बताया था कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत अन्य शीर्ष नेता इस बैठक में हिस्सा ले सकते हैं लेकिन अब खबर है कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस बैठक में शरीक नहीं होंगे. ये बैठक भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में होगी.

जम्मू-कश्मीर में इसी साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं. ऐसे में इस समय बीजेपी की यह बैठक इशारा करती है कि पार्टी विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसने में जुट गयी है. केंद्र और राज्य सरकार से कानून व्यवस्था सही होने की सूचना मिलने के बाद चुनाव आयोग प्रदेश में विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा कर सकता है.

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, भाजपा महासचिव राममाधव, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता इस बैठक में शामिल होंगे. वहीं पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे.



राम माधव ने की थी इस साल चुनाव कराने की अपील
जम्मू कश्मीर के लिए पार्टी के मुख्य रणनीतिकार राम माधव ने इससे पहले चुनाव आयोग से इस साल प्रदेश में चुनाव कराने की अपील की थी. प्रदेश भाजपा ने कहा है कि वह किसी भी समय चुनाव के लिए तैयार है. पार्टी महासचिव नारिंदर सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग के पास इस साल चुनाव कराने के लिए काफी समय बचा है. 2014 में जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव नवंबर-दिसंबर में हुए थे. जम्मू कश्मीर में फिलहाल राष्ट्रपति शासन है और उसे तीन जुलाई से छह और महीने के लिए बढ़ाया गया है.

जम्मू-कश्मीर में तैनात होंगे 10 हज़ार अतिरिक्त सैनिक
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बता दें हाल में ही केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में 10 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का फैसला किया. केंद्र ने आतंकवाद निरोधक अभियानों और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कश्मीर घाटी में केंद्रीय बलों के करीब दस हजार कर्मियों को भेजने का आदेश दिया है.



नई इकाइयां घाटी में पहले से तैनात सुरक्षाबलों का हाथ मजबूत करेंगी जो वार्षिक अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं और रोजाना आतंकवाद निरोधक अभियान चला रहे हैं. ये जवान घाटी में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की करीब 65 नियमित बटालियनों और यात्रा के सुचारू संचालन के लिए तैनात अन्य बलों की 20 अन्य बटालियनों के अतिरिक्त होंगे . यात्रा 15 अगस्त को समाप्त होगी.

आपको बता दें एक बटालियन में करीब 1000 कर्मी होते हैं. अधिकारियों के अनुसार नई तैनातियों से राज्य में विधानसभा चुनाव कराने में भी मदद मिलेगी जो किसी भी समय होने की संभावना है.

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First published: July 28, 2019, 8:22 PM IST
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