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पंजाब: BJP प्रत्याशी के पति ने की आत्महत्या, बोली- मामला दर्ज होगा, तभी करेंगे अंतिम संस्कार

मृतक सोमपाल पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन में कार्यरत था. वह रोजमर्रा की तरह कार्यालय गया था, जहां पर उसने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया. (सांकेतिक तस्वीर)
मृतक सोमपाल पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन में कार्यरत था. वह रोजमर्रा की तरह कार्यालय गया था, जहां पर उसने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया. (सांकेतिक तस्वीर)

Punjab Update: मुन्नी देवी ने पुलिस को दी शिकायत में अपने मकान मालिक और एक अन्य उम्मीदवार पर भी पति को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगाया है. हालांकि मोहाली पुलिस (Mohali Police) का कहना है कि वह छानबीन कर रही है और मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 11, 2021, 1:53 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब के मोहाली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर नगर निगम चुनाव (Municipal election) लड़ रही एक महिला के पति ने आत्महत्या कर ली. मृतक की पत्नी ने इसके लिए अन्य उम्मीदवारों को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने मांग करते हुए कहा है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता वह अपने मृतक पति का संस्कार नहीं करेगी.

जानकारी के मुताबिक नगर निगम के लिए भाजपा उम्मीदवार मुन्नी देवी वार्ड नंबर 37 से चुनाव लड़ रही हैं. उनके पति सोमपाल (42) ने बुधवार को आत्महत्या कर ली. जिसके बाद उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पति चुनाव के चलते काफी दिनों से परेशान थे. मुन्नी देवी का आरोप है कि उनके पति पर नामांकन पत्र वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था.

मृतक सोमपाल पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन में कार्यरत थे. वह रोजमर्रा की तरह कार्यालय गये थे, जहां पर उन्होंने फंदा लगाकर सुसाइड (Suicide) कर लिया. मुन्नी देवी ने पुलिस को दी शिकायत में अपने मकान मालिक और एक अन्य उम्मीदवार पर भी पति को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगाया है. हालांकि मोहाली पुलिस का कहना है कि वह छानबीन कर रही है और मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.




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गौरतलब है कि पूरे पंजाब में निगम चुनाव के चलते भाजपा का किसान कड़ा विरोध कर रहे हैं. इस कारण बीजेपी 2215 में से 1212 वार्ड में प्रत्याशी ही नहीं उतार पाई. सूबे में कई वार्ड ऐसे हैं जहां पर बीजेपी को प्रत्याशी ही नहीं मिले. अगर कहीं मिले भी तो उन्होंने चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया.

कई जगह बीजेपी प्रत्याशी पार्टी चुनाव चिह्न को छोड़कर बतौर आजाद प्रत्याशी के मैदान में हैं. उधर कांग्रेस (Congress) ने भी एक सोची समझी रणनीति के तहत 87 आजाद उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. कई स्थानों पर भाजपा के कार्यकर्ताओं से मारपीट की घटनाएं चुनाव में सामने आ रही हैं.
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