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जेपी नड्डा के आवास पर किसानों के प्रदर्शन को लेकर अमित शाह, राजनाथ सिंह और नरेंद्र सिंह तोमर की बैठक

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह की फाइल फोटो
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह की फाइल फोटो

Farmer Protest: दिल्ली सीमा पर जारी किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच गृह मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर बैठक की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 29, 2020, 10:56 PM IST
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नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच दिल्ली में बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा (BJP Chief JP Nadda), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah), रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh), कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) बीजेपी प्रमुख नड्डा के आवास पर बैठक की. इस बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भाजपा प्रमुख के आवास से निकल गए हैं. पंजाब और हरियाणा (Punjab & Haryana) के किसान 'दिल्ली चलो' अभियान के तहत बॉर्डर पर डटे हैं. किसान सरकार द्वारा बातचीत के प्रस्ताव को पहले ही ठुकरा चुके हैं. इसके साथ ही किसान सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे भी लगा रहे हैं. 26 नवंबर से शुरू हुए किसानों के आंदोलन के बाद से ही दिल्ली में प्रवेश करने वाले दो प्रमुख बॉर्डर सिंघु और टिकरी बंद हैं.

इससे पहले किसानों के विरोध-प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, 'मैं प्रदर्शनकारी किसानों से अपील करता हूं कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है. कृषि मंत्री के किसान संगठनों को 3 दिसंबर को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है. हम हर मांग और समस्‍या पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं.' शाह ने कहा कि अगर किसान संगठन 3 दिसंबर से पहले चर्चा करना चाहते हैं, तो मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जैसे ही आप अपना विरोध निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित करेंगे, हमारी सरकार अगले दिन आपकी चिंताओं को दूर करने के लिए वार्ता आयोजित करेगी.

ये भी पढ़ें- किसान यूनियन का बड़ा ऐलान- हम बुराड़ी कभी नहीं जाएंगे, वो खुली जेल है



वहीं भारतीय किसान यूनियन के पंजाब प्रदेश अध्‍यक्ष जगजीत सिंह ने गृह मंत्री की अपील पर कहा था कि, 'अमित शाह जी ने सशर्त मुलाकात का आह्वान किया है. यह अच्छा नहीं है. उन्‍हें बिना किसी शर्त के खुले दिल से बातचीत की पेशकश करनी चाहिए. हम अपनी प्रतिक्रिया तय करने के लिए रविवार सुबह बैठक करेंगे.'
कृषि मंत्री ने दिया था बातचीत का प्रस्ताव
वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर (Union Agriculture Min Narendra Tomar) ने भी रविवार को चौथी बार किसानों से बातचीत का प्रस्ताव भेजा है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक तोमर ने कहा, 'सरकार ने चौथी बार 3 दिसंबर को मिलने का प्रस्ताव दिया है. इसके लिए पहले से ही बातचीत चल रही है, किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि सरकार इसके लिए तैयार नहीं है. सरकार बातचीत के लिए तैयार है, किसान यूनियनों को इसके लिए माहौल बनाना चाहिए. उन्हें आंदोलन छोड़ना चाहिए और वार्ता का चयन करना चाहिए.'

हालांकि किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बुराड़ी के निरंकारी मैदान को खुली जेल बताते हुए वहां जाने से इनकार कर दिया है.
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