केंद्र सरकार ने काटे बिजली के बकाया 1417 करोड़ रुपए, सीएम सोरेन बोले- यह असंवैधानिक है

(फाइल फोटो- सीएम हेमंत सोरेन)
(फाइल फोटो- सीएम हेमंत सोरेन)

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के रिजर्व बैक के खाते से सीधे तौर पर बिजली के भुगतान की बकाया (Electricity outstanding) लगभग 5500 करोड़ रुपये की राशि के वसूली के लिए 1417 करोड़ रुपये काट लिये जाने को असंवैधानिक एवं संघवाद पर चोट करने वाला कदम बताया है.

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  • Last Updated: October 23, 2020, 9:10 AM IST
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रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने हाल में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के खाते से दामोदर वैली कार्पोरेशन (डीवीसी) के बिजली के बकाये लगभग 5500 करोड़ रुपये की राशि में से 1417 करोड़ रुपये काट लेने पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे कोरोना वायरस संक्रमण की वर्तमान परिस्थितियों में असंवैधानिक बताया है और इस काटी गयी राशि को राज्य को वापस लौटाने का अनुरोध किया है.

राज्य सरकार के सूचना विभाग ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लिखे गये पत्र की प्रति को मीडिया को जारी किया, जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के रिजर्व बैक के खाते से सीधे तौर पर बिजली के भुगतान की बकाया लगभग 5500 करोड़ रुपये की राशि के वसूली के लिए 1417 करोड़ रुपये काट लिये जाने को असंवैधानिक एवं संघवाद पर चोट करने वाला कदम बताया गया है.

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के आधार पर राज्य सरकार के खाते से 1,417 करोड़ रुपए की कटौती कर ली गई, ‘जबकि महामारी के मौजूदा दौर में ऐसा करना कहीं से भी न तो न्याय संगत है और न संवैधानिक.’



इससे पहले सीएम सोरेन ने हाल में संसद से पारित कृषि विधेयकों (Agricultural Bills) को देश के संघीय ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार बताया और कहा कि केंद्र की मनमानी ऐसे ही चलती रही तो राज्य में क्रांति होगी और लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे. झारखंड (Jharkhand) में किसान भारत बंद के लगभग बेअसर रहने के बाद देर शाम स्वयं मुख्यमंत्री सोरेन ने मोर्चा संभाला और मीडिया से कहा कि कृषि विधेयकों में किसानों के हित की बात का कोई अता-पता नहीं है. विधेयक को किसान विरोधी बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ‘यह देश के संघीय ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार है.’
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