बीजेपी का मिशन ओडिशा: धर्मेन्द्र प्रधान ने चिट्ठी लिखकर पटनायक को घेरा

बीजेपी को लगने लगा है कि ओडिशा एक ऐसा राज्य है जहां न सिर्फ सिर्फ लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है बल्कि सरकार बनाने की दिशा मे भी सोचा जा सकता है.

अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: September 11, 2018, 9:27 PM IST
बीजेपी का मिशन ओडिशा: धर्मेन्द्र प्रधान ने चिट्ठी लिखकर पटनायक को घेरा
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (फाइल फोटो)
अमिताभ सिन्हा
अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: September 11, 2018, 9:27 PM IST
ओडिशा में चुनावी माहौल गरमाने लगा है. बीजेपी को लगने लगा है कि ओडिशा एक ऐसा राज्य है जहां न सिर्फ सिर्फ लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है बल्कि सरकार बनाने की दिशा मे भी सोचा जा सकता है. इसलिए अरसे से राज्य की सत्ता पर काबिज मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर बीजेपी का हल्ला बोल बढ़ता ही जा रहा है. बुधवार को दिल्ली में नवीन पटनायक का रोड शो है और वो भी राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए. लेकिन बीजेपी का आरोप ये कि ये रोड शो नहीं बल्कि नवीन बाबू की खुद की पब्लिसिटी के लिए किया जा रहा शो है. बीजेपी ने इस मुद्दे पर हंगामा करते हुए विधानसभा भी चलने नहीं दी.

अरसे से बीजेपी नवीन पटनायक सरकार पर केन्द्र की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लटकाने का आरोप लगाती रही है. केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने तो एनटीपीसी की एक परियोजना को मंजूरी नहीं दिए जाने से आहत होकर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को खत लिख डाला. धर्मेन्द्र प्रधान की नाराजगी इस बात को लेकर है कि नवीन पटनायक एनटीपीसी के 9785 करोड़ के 1320 मेगावाट प्रोजेक्ट को मंजूरी देने में देरी क्यों कर रहे हैं. उन्‍होंने आरोप लगाया है कि एनटीपीसी, तेल कंपनियों, नाल्को जैसी नवरत्‍न कंपनियों के प्रस्तावों को आखिर नवीन सरकार की हाई लेवल क्लियरेंमस कमिटी मंजूरी क्यों नहीं दे रही है.

प्रधान ने अपने खत में लिखा है कि इससे न सिर्फ निवेशकों में गलत संदेश जाएगा बल्कि वो राज्य में निवेश करने से भी कतराएंगे. प्रधान ने नवीन बाबू से पूरे मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग भी की.

पीएम मोदी 22 सितंबर को तालचेर के दौरे पर जाने वाले हैं और वहां एनटीपीसी के 9785 करोड़ के इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखने वाले हैं. लेकिन योजना को मिली मंजूरी के बावजूद भी राज्य सरकार ने अब तक जमीन का अधिग्रहण नहीं किया है.

बीजेपी का आरोप है कि 2004 से 2018 के बीच राज्य सरकार ने 5.68 लाख करोड़ रुपये के 92 एमओयू पर हस्ताक्षर किए. लेकिन अब तक सिर्फ 46 प्रस्तावो को अमल में लाया जा सका है. ऐसे में सीएम नवीन पटनायक का दिल्ली जाकर निजी निवेशकों को लुभाने का कार्यक्रम तो राज्य की जनता के साथ मजाक ही है.

धर्मेन्द्र प्रधान का पूरा ध्यान ओडिशा पर है. उनके अपने मंत्रालय से लेकर केन्द्र सरकार के तमाम अहम मंत्रालय उनके राज्य में निवेश करने में पीछे नहीं रहे हैं. बीजेपी आलाकमान भी साफ कर चुका है कि ओडिशा और बंगाल उनके अगले लक्ष्य हैं. इसलिए नवीन बाबू पर ऐसे तीखे हमले नहीं थमने वाले.
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