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कोलकाता में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को घेरने, बीजेपी बना रही नई रणनीति

कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस पार्टी को चुनौती देने के लिए बीजेपी नई रणनीति तैयार कर रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस पार्टी को चुनौती देने के लिए बीजेपी नई रणनीति तैयार कर रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देने की लिए नई रणनीति तैयार कर रही है. पार्टी महासचि ...अधिक पढ़ें

कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी कोलकाता में सत्तारूढ़ तृणमूल को चुनौती देने के लिए नए सिरे से प्रयास कर रही है. जहां एक तरफ बीजेपी की पश्चिम बंगाल यूनिट के भीतर झगड़े और नेताओं के दल-बदल जैसी स्थितियां बनीं हुई हैं. तो वहीं तृणमूल कांग्रेस भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी और केन्द्रीय एजेंसियों की छापेमारी झेल रही है. पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में मिली हार से आहत होने के बाद बीजेपी राज्य में सत्ता पाने के लक्ष्य से तृणमूल कांग्रेस को घेरने का प्रयास कर रही है. और पार्टी के महासचिव सुनील बंसल को आशा है कि नई रणनीति राज्य में पार्टी में नयी जान फूंकने में सक्षम होगी.

पार्टी दुर्गा पूजा के बाद 2024 लोकसभा चुनाव का रोडमैप तैयार करेगी
सुनील बंसल ने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी की स्थिति सुधरेगी. उन्होंने पीटीआई/भाषा से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई बड़ी समस्या है. जो भी मुद्दे हैं, उनका समाधान निकाल लिया जाएगा. हम दुर्गा पूजा के बाद अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव के लिए रोडमैप तैयार करेंगे. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने भी कहा कि पार्टी नेतृत्व को आशा है कि 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी में नए सिरे से जान फूंकने के लिए रणनीति तैयार कर ली जाएगी. उन्होंने पीटीआई/भाषा को बताया कि यह सच है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद से पार्टी के भीतर मतभेद हैं. लेकिन वह हालात पर जल्दी काबू पा लेगी. चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस द्वारा की गई हिंसा, पार्टी का मनोबल कमजोर पड़ने की सबसे बड़ी वजह है. 8,000 से ज्यादा कार्यकर्ता बेघर हो गए हैं.

अनुभवी नेताओं को नजरअंदाज करने से बिगड़े हालात
बीजेपी के अंदरूनी कुछ लोगों का कहना है कि राज्य में मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद पार्टी अभी तक तृणमूल कांग्रेस को घेरने में नाकाम रही है. वह भी ऐसे वक्त में जब भ्रष्टाचार से लिप्त सत्तारूढ़ दल सत्ता में आने के बाद अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है. बार-बार आत्मावलोकन की बात कहने वाले पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अनुपम हजारा ने कहा कि राज्य नेतृत्व को सभी नए और पुरानों को साथ लेकर चलना चाहिए. अनुभवी नेताओं को नजरअंदाज करने से हालात और बिगड़े हैं. इन हालात को बदलना होगा. उन्होंने कहा कि हमें पहले अपने घर को ठीक करना होगा और उसके बाद हमें तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी.

कई नेताओं ने किया दल-बदल
विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही अपनी टीम को एकजुट रखने के लिए संघर्ष कर रही पार्टी को इस साल कुछ अंदरूनी विद्राह का भी सामना करना पड़ा. जहां कई नेताओं ने नेतृत्व के खिलाफ खुलकर सभी के सामने बोला. इस दौरान पार्टी के कई बड़े नेता बाबुल सुप्रियो, अर्जुन सिंह बौर मुकुल रॉय आदि ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया. इसके अलावा पिछले विधानसभा चुनावों के बाद हुए सभी चुनावों में राज्य में पार्टी का वोट प्रतिशत भी कम हो रहा है. बीजेपी के सूत्रों ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी के भाग नहीं लिया. इसके बाद चलाए जा रहे अभियान में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच ‘रणनीतिक साझेदारी’ के आरोपों के कारण भी ‘हमारी छवि खराब’ हुई है.

कुणाल घोष बोले- जल्दी ही बीजेपी की एक्सपायरी डेट पूरी होने वाली है
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इन दावों को खारिज किया कि पार्टी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ लड़ने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि धमकियों और डराए जाने के बावजूद हमारी पार्टी के कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्ट शासन के खिलाफ लड़ रहे हैं. आने वाले दिनों में हम सभी बाधाओं को पार करके जीत हासिल करेंगे. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने भाजपा की इन टिप्पणियों को हल्के में लेते हुए कहा कि राज्य में उसकी ताकत अब खत्म हो गई है. घोष ने कहा कि राज्य में जल्दी ही भाजपा की एक्सपायरी डेट पूरी होने वाली है. राजनीतिक विश्लेषक सुभमय मैत्रा ने दावा किया कि युवा चेहरों की कमी के कारण राज्य में भाजपा आगे नहीं बढ़ पा रही है.

Tags: BJP, Indian politics, Kolkata

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