गांधी परिवार पर BJP अध्‍यक्ष जेपी नड्डा का हमला, कहा- राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीन से चंदा लिया

गांधी परिवार पर BJP अध्‍यक्ष जेपी नड्डा का हमला, कहा- राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीन से चंदा लिया
जेपी नड्डा ने साधा निशाना.

India china tension: बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने कहा कि 2017 में डोकलाम विवाद के समय राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने चीनी राजदूत के साथ गुपचुप मुलाकात की. उनकी पार्टी ने देश को गुमराह किया.

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नई दिल्‍ली. चीन (China) से चल रहे गतिरोध के बीच बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) में भी एक-दूसरे पर निशाना साधने का दौर चल रहा है. कांग्रेस एक ओर बीजेपी पर हमला कर रही है तो दूसरी ओर बीजेपी भी कांग्रेस पर पलटवार करती दिख रही है. गुरुवार को बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने भी कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस पर हमला बोला. उन्‍होंने कहा, 'मुझे यह जानकर आश्‍चर्य हुआ कि 2005-06 में राजीव गांधी फाउंडेशन (Rajeev Gandhi Foundation) को चीनी दूतावास और चीन की ओर से 3 लाख डॉलर बतौर चंदे के रूप में मिले थे. यह कांग्रेस और चीन के बीच गुप्‍त रिश्‍ता है.'

मध्‍य प्रदेश जनसंवाद रैली को वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने यह आरोप लगाए. उन्‍होंने कहा कि 2017 में डोकलाम विवाद के समय राहुल गांधी चीनी राजदूत के साथ गुपचुप मुलाकात करते हैं और उनकी पार्टी ने देश को गुमराह किया. इस समय गलवान घाटी विवाद के बाद भी कांग्रेस देश को गुमराह कर रही है. वहीं बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने देश पर थोपे गए आपातकाल के 45 साल पूरे होने पर गुरुवार को कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और इसे उसकी अधिनायकवादी मानसिकता का परिचायक करार दिया.

 
बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने एक ट्वीट में कहा, 'भारत उन सभी महानुभावों को नमन करता है, जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपातकाल का जमकर विरोध किया. ये हमारे सत्याग्रहियों का तप ही था जिससे भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों ने एक अधनियाकवादी मानसिकता पर सफलतापूर्वक जीत प्राप्त की.' 




देश में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच 21 महीने की अवधि तक आपातकाल लागू रहा. इंदिरा गांधी उस समय देश की प्रधानमंत्री थीं. इसके साथ ही नड्डा ने टिवटर पर 'आपातकाल का काला अध्याय' शीर्षक से एक पोस्ट भी साझा की. इसमें उन्होंने कहा, 'वर्ष 1975 में आज ही के दिन निहित राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए तत्कालीन सरकार द्वारा आपातकाल की घोषणा कर सरकार के खिलाफ बोलने वालों को जेल में डाल दिया गया था, देशवासियों के मूलभूत अधिकार छीनकर अखबारों के दफ्तरों पर ताले लगा दिए गए थे.'

उन्होंने कहा, 'कांग्रेस द्वारा थोपे गए शर्मनाक आपातकाल की बरसी पर मैं उन सभी राष्ट्रभक्तों को नमन करता हूं जिन्होंने घोर अन्याय व यातनाएं सहने के बावजूद लोकतंत्र की हत्या करने वालों के सामने घुटने नहीं टेके.'
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