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बंगालः सुवेंदु अधिकारी के भाई की गाड़ी पर हमला, गिरिराज बोले- 2 मई को ममता की विदाई तय

भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि उसके नेता शुभेंदु अधिकारी के छोटे भाई सौमेंदु पर कांठी में तृणमूल समर्थकों ने हमला किया और उनकी कार में तोड़फोड़ की गईं. (एएनआई)

भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि उसके नेता शुभेंदु अधिकारी के छोटे भाई सौमेंदु पर कांठी में तृणमूल समर्थकों ने हमला किया और उनकी कार में तोड़फोड़ की गईं. (एएनआई)

Bengal Assembly Election 2021: भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि उसके नेता सुवेंदु अधिकारी के छोटे भाई सौमेंदु पर कांठी में तृणमूल समर्थकों ने हमला किया और उनकी कार में तोड़फोड़ की गईं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2021, 8:02 PM IST
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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल के बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के भाई सौमेंदु अधिकारी (Soumendu Adhikari) की गाड़ी पर हमला मामले में बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर हमला बोला है. गिरिराज ने कहा, "सौमेंदु अधिकारी की कार पर हमला ममता बनर्जी की हताशा को दिखाता है. बंगाल की मुख्यमंत्री उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन की स्टाइल को फॉलो कर रही है. वे अपने प्रतिद्वंदियों को जीतते हुए नहीं देख सकती हैं और उनका शासन आतंक का पर्याय बन गया है. 2 मई को उनकी विदाई तय है."

बता दें कि सौमेंदु अधिकारी ने टीएमसी नेताओं पर हमले का आरोप लगाया था. उनका आरोप था कि कोंटाई में उपद्रवियों ने उनकी कार पर हमला किया और टीएमसी कार्यकर्ताओं ने ड्राइवर के साथ मारपीट की. भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि उसके नेता शुभेंदु अधिकारी के छोटे भाई सौमेंदु पर कांठी में तृणमूल समर्थकों ने हमला किया और उनकी कार में तोड़फोड़ की गईं. पार्टी ने आरोप लगाया कि इस हमले में सौमेंदु का चालक घायल हो गया. पुलिस ने बताया कि इसी जिले के सालबोनी इलाके में तृणमूल समर्थकों ने माकपा उम्मीदवार सुशांत घोष से कथित तौर पर हाथापाई की और उनके वाहन पर पथराव किया.

'लोकतंत्र पर हमला है. जंगल राज चल रहा'
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही घोष सालबोनी बाजार पहुंचे तो कुछ तृणमूल समर्थकों ने उनका घेराव कर लिया और उनसे हाथापाई की. इसके बाद उन्होंने घोष की कार पर भी हमला किया. इलाके में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें बचाया और सुरक्षित निकाल कर ले गए. वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे घोष ने कहा, ‘‘यह लोकतंत्र पर हमला है. जंगल राज चल रहा है.’’ घटना की रिपोर्टिंग कर रहे कुछ पत्रकारों से भी हाथापाई की गई. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जिला प्रशासन से एक रिपोर्ट मांगी गई है. तृणमूल ने इसमें किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.
टीएमसी पर हत्या का आरोप


इस बीच, पुलिस ने बताया कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बेगमपुर इलाके में एक व्यक्ति मृत पाया गया है. उसकी उम्र 30 वर्ष के आसपास बताई जा रही है. उन्होंने बताया कि उसकी पहचान मंगल सोरेन के रूप में की गई है. उसका शव उसके घर के बाहर बरामद किया गया. बीजेपी ने दावा किया कि सोरेन उसका समर्थक था और तृणमूल के ‘‘गुंडों’’ ने कथित तौर पर उसकी हत्या की. हालांकि सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप को खारिज किया है. बंगाल में पहले चरण में 30 सीटों पर मतदान के दौरान अपराह्न तीन बजे तक 73.80 लाख में से 70.17 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है.

कोरोना गाइडलाइंस का पालन
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में कड़ी सुरक्षा के बीच 30 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिनमें से ज्यादातर सीटें कभी नक्सल प्रभावित इलाका रहे जंगल महल में हैं. निर्वाचन आयोग (ईसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पूर्वाह्न 11 बजे तक 36.09 प्रतिशत मतदान हुआ. मतदान अभी तक मुख्य रूप से शांतिपूर्ण रहा है.’’ पुरुलिया में सभी नौ सीटों, बांकुड़ा में चार, झाड़ग्राम में चार, पश्चिमी मेदिनीपुर में छह सीटों और पूर्व मेदिनीपुर में सात सीटों पर कोविड-19 संबंधी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए मतदान कराया जा रहा है.

मतदान में गड़बड़ी का आरोप
सुबह 11 बजे तक पूर्व मेदिनीपुर में सर्वाधिक 38.89 प्रतिशत, इसके बाद झाड़ग्राम में 37.07 प्रतिशत और बांकुड़ा में 36.38 प्रतिशत मतदान हुआ. पश्चिम मेदिनीपुर में 35.50 प्रतिशत और पुरुलिया में 33.58 प्रतशित मतदान हुआ. पूर्व मेदिनीपुर के कांठी दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं ने ईवीएम मशीनों में खराबी आने पर एक मतदान केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने माजना में मतदान केंद्र के बाहर सड़क बाधित की और आरोप लगाया कि वीवीपीएटी पर्चे में दिख रहा है कि उन्होंने जिस पार्टी के लिए मतदान किया है, उसके बजाए मत किसी अन्य पार्टी को पड़ा है.

वोटरों को भोजन, चाय और नाश्ता
मतदान शुरू होने से पहले ही कई मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गई. कई लोग गर्मी से बचने और बाद में हिंसा हो सकने की आशंका के कारण सुबह-सुबह ही मतदान के लिए पहुंचे. मेदिनीपुर और एग्रा के भगवानपुर समेत कई इलाकों के मतदाताओं ने केंद्रीय बलों से उन्हें धमकाए जाने की शिकायत की. बलों ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया और वे उन्हें मतदान केंद्र लेकर गए. इसके अलावा, बीजेपी और तृणमल पर मतदाताओं को भोजन के पैकेट, चाय और नाश्ता देकर उन्हें प्रभावित करने की कोशिश करने के आरोप लगे हैं. निर्वाचन आयोग (ईसी) के अधिकारी ने बताया कि अभी तक 107 ईवीएम के काम न करने का पता चला है.

'मास्क पहनने में लापरवाही'
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सेक्टर अधिकारियों ने 47 ईवीएम को फिर से चालू कर दिया है और बाकी को ठीक किया जा रहा है.’’ तृणमूल कांग्रेस ने कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ी और आयोग की मोबाइल ऐप पर मतदाताओं की संख्या संबंधी आंकड़ों के ऊपर-नीचे होने पर चिंता जताई. कोरोना वायरस के फिर से फैलने के बावजूद ज्यादातर मतदाताओं और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को बिना मास्क लगाए देखा गया. कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को मास्क दिए गए जबकि ज्यादातर जगहों पर सैनेटाइजर और पॉलिथीन दस्ताने दिए गए. राज्य 30 सीटों पर 73 लाख से अधिक मतदाता 191 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.

अधिकारियों ने बताया कि मतदान शाम छह बजे तक चलेगा और कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान कराया जा रहा है. निर्वाचन आयोग ने 7,061 परिसरों में बनाए 10,288 मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की करीब 730 टुकड़ियों को तैनात किया है.
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