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राम माधव का बदला पोर्टफोलियो, बीजेपी से फिर RSS में हुई वापसी

राम माधव को साल 2014 में बीजेपी में भेजा गया था. (फाइल फोटो)

राम माधव को साल 2014 में बीजेपी में भेजा गया था. (फाइल फोटो)

बेंगलुरू (Bengaluru) में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की बैठक में राम माधव (Ram Madhav) को आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में नियुक्त करने का अहम फैसला लिया गया. राम माधव को साल 2014 में बीजेपी में भेजा गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 6:40 AM IST
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बेंगलुरू. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने संगठन में शीर्ष स्तर पर शनिवार को बदलाव किए. दत्तात्रेय होसबाले (Dattatreya Hosabale) को जहां सरकार्यवाह निर्वाचित किया गया, वहीं दो सह-सरकार्यवाह नियुक्त किए गए. इसके साथ ही बीजेपी नेता राम माधव (Ram Madhav) की संघ में वापसी हुई है. संघ ने 75 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले लोगों के सार्वजनिक पद छोड़ देने के अपने विचार पर अडिग रहते हुए ये बदलाव किए हैं.

बेंगलुरू में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में राम माधव को आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में नियुक्त करने का अहम फैसला लिया गया. राम माधव को साल 2014 में बीजेपी में भेजा गया और वह बीजेपी में महासचिव बनकर गए थे. बीजेपी के महासचिव रहते हुए राम माधव जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों के प्रभारी रहे हैं. लेकिन अब आरएसएस के फैसले के बाद वह संघ के कार्यों में जुटेंगे. सूत्रों ने बताया कि उन्हें बाद में अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है.

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संघ ने अपने प्रचार प्रभारी अरूण कुमार को राम दत्त चक्रधर के साथ सह-सरकार्यवाह के रूप में पदोन्नत किया है. चक्रधर संघ की बिहार इकाई के प्रमुख हैं. इन दोनों ने क्रमश: सुरेश सोनी और वी भगैया की जगह ली है. गौरतलब है कि साल 2024 में संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. उसी साल लोकसभा चुनाव भी होने हैं. इसे ध्यान में रखते हुए ये बदलाव मायने रखते हैं. बता दें कि सुरेश भैयाजी जोशी साल 2009 से आरएसएस के सरकार्यवाह के पद पर थे और अब दत्तात्रेय होसबोले को नए सरकार्यवाह की जिम्मेदारी दी गई है. आरएसएस में सरसंघचालक के बाद सरकार्यवाह पद को नंबर दो का पद माना जाता है.



(भाषा इनपुट के साथ)
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