कृषि बिलों को संसद में पास कराने में BJP सफल रही लेकिन झेलना पड़ा सहयोगियों का गुस्सा, विपक्ष ने कहा 'काला दिन'

Farm Bills 2020: विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा में ध्वनि मत से पास हुआ कृषि बिल (राज्यसभा की फाइल फोटो)
Farm Bills 2020: विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा में ध्वनि मत से पास हुआ कृषि बिल (राज्यसभा की फाइल फोटो)

जबकि विपक्षी सांसद (Opposition MPs) सदन के वेल में बिलों के खिलाफ नारेबाजी (sloganeering) कर रहे थे, विधेयक ध्वनि मतों से पारित हो गया. विधेयकों और उनके संशोधनों को पेश किए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यसभा (Rajya Sabha) में नाटकीय दृश्य देखे गये.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 8:12 PM IST
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(सुहास मुंशी)

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) रविवार को तीन प्रस्तावित बिलों में से दोनों विवादास्पद कृषि बिलों (controversial farm bills)- किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 को पास कराने में कामयाब रही है. ये बिल विपक्षी सांसदों (Opposition MPs) के हंगामे के बीच लोकसभा (Lok Sabha) में पारित हो चुके हैं. संभावना है कि सरकार (Government) सोमवार को संसद (Parliament) के उच्च सदन में तीसरा कृषि विधेयक (Farm Bill) पेश करने करेगी.

जबकि विपक्षी सांसद (Opposition MPs) सदन के वेल में बिलों के खिलाफ नारेबाजी (sloganeering) कर रहे थे, विधेयक ध्वनि मतों से पारित हो गया. विधेयकों और उनके संशोधनों को पेश किए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यसभा (Rajya Sabha) में नाटकीय दृश्य देखे गये. टीएमसी सांसद (TMC MP) डेरेक ओ' ब्रायन ने कहा कि यह "संसदीय लोकतंत्र (Parliamentary Democracy) के लिए दुखद दिन" रहा और आरोप लगाया कि विपक्ष की मांग के बावजूद सरकार (government) ने कानून को जबरदस्ती पास करा लिया क्योंकि इस मुद्दे पर उसके पास बहुमत नहीं था.



बीजेपी के तीन बड़े सहयोगियों ने जोर-शोर से किया बिल का विरोध
जब कुछ विपक्षी सांसदों ने उप-सभापति हरिवंश नारायण सिंह के डेस्क से कागजात छीन लिए और उनकी मेज पर लगे माइक्रोफोनों को क्षतिग्रस्त कर दिया तो राज्यसभा को कुछ मिनटों के लिए स्थगित करना पड़ा. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मार्शलों को बुलाना पड़ा.

यह भी पढ़ें: विपक्षी दलों ने राज्यसभा के उप सभापति के खिलाफ पेश किया अविश्वास प्रस्ताव

1 बजे के बाद जब केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बिलों पर बहस के दौरान उठाई गई आपत्तियों का जवाब दे रहे थे, राज्यसभा के उपसभापति ने सत्र के समय में विस्तार की घोषणा की. विपक्ष के नेता, कांग्रेस के गुलाम नबी आज़ाद ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन को केवल आम सहमति से बढ़ाया जा सकता है और सदस्यों के बीच आम सहमति सोमवार तक सदन को स्थगित करने पर थी, जिससे मंत्री को उठाए गए सवालों के जवाब देने के लिए पर्याप्त समय मिल सके. विपक्षी सांसदों ने तब फिर से हंगामा शुरु कर दिया जब हरिवंश सिंह ने सदन की कार्यवाही जारी रखी. जैसे ही उन्होंने एक के बाद एक संशोधनों और प्रस्तावों को लिया, विपक्षी सांसदो सदन के वेल में आकर विरोध करने लगे.

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जबकि बीजेपी उच्च सदन में पेश दोनों बिलों को ध्वनि मत से पास कराने में सफल रही, यह पूरी प्रक्रिया के दौरान शायद ही मजबूत दिख सकी. तीन क्षेत्रीय हैवीवेट दलों- इसके सबसे पुराने सहयोगी पंजाब के अकाली दल, ओडिशा और तेलंगाना में सत्तारूढ़ दल, बीजेडी और टीआरएस- जिन पर भाजपा आमतौर से महत्वपूर्ण बिलों के लिए समर्थन प्राप्त करने के लिए निर्भर रहती है, ने कृषि बिलों का विरोध जोर-शोर से किया.
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