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टीपू सुल्तान को कोर्स की किताब से हटाने की मांग, कर्नाटक के मंत्री ने बुलाई मीटिंग

News18Hindi
Updated: October 29, 2019, 5:00 PM IST
टीपू सुल्तान को कोर्स की किताब से हटाने की मांग, कर्नाटक के मंत्री ने बुलाई मीटिंग
कर्नाटक (Karnataka) में अब तक कांग्रेस सरकार 17 नवंबर को टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) की जयंती मनाती थी.

पिछले सप्ताह बीजेपी विधायक एम अपाचू रंजन (Madkeri Appachu Ranjan) ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार (Suresh Kumar) को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने 18वीं सदी में मैसूर पर राज करने वाले शासक टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) को कन्नड़ विरोधी बताया था.

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  • Last Updated: October 29, 2019, 5:00 PM IST
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स्टेसी परेरा
बेंगलुरु: कर्नाटक (Karnataka) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक मदकेरी अपाचू रंजन ने स्कूल सिलेबस से टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) के चैप्टर को हटाने की मांग की थी. इसके लिए एम अपाचू रंजन ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार (Suresh Kumar) को एक पत्र लिखा था. इसके बाद अब मंत्री सुरेश कुमार ने इसी मुद्दे पर टेक्स्ट बुक सोसायटी और इतिहासकारों की एक मीटिंग बुलाई है और उनसे इस मुद्दे पर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है. टेक्स्टबुक सोसायटी के प्रबंध निदेशक को संबोधित करते हुए सुरेश कुमार ने लिखा कि विधायक अपाचू रंजन को आमंत्रित कर इस मुद्दे पर उनसे बात करें और तीन दिन में रिपोर्ट दें.

बता दें कि पिछले सप्ताह बीजेपी विधायक एम अपाचू रंजन ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने 18वीं सदी में मैसूर पर राज करने वाले शासक टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) को कन्नड़ विरोधी बताया था. उन्होंने लिखा, इतिहास की किताबों में टीपू सुल्तान का महिमामंडन किया गया है. हमने किताबों में जो इतिहास पढ़ा है, वह पूरा नहीं है. ये पूरी तरह सत्य भी नहीं है. हमें सबसे पहले अब तक टीपू सुल्तान का जो महिमामंडन किया गया है, उसे रोकना होगा. टीपू सुल्तान कभी भी स्वतंत्रता के लिए नहीं लड़ा.

सत्ता में आने के बाद बीजेपी सरकार ने बदला फैसला

सत्ता में आने तीन दिन बाद ही बीजेपी सरकार ने टीपू सुल्तान जयंती को न मनाने का फैसला किया था. इससे पहले की कांग्रेस सरकार टीपू सुल्तान की जयंती 10 नवंबर को मनाती थी, 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस फैसले पर बहुत बवाल मचा था. उत्तर कन्नड़ जिले में इस मुद्दे पर सांप्रदायिक हिंसा भी भड़क उठी थी.

कांग्रेस जेडीएस सरकार बनने के बाद भी टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का सिलसिला जारी रखा गया था, लेकिन जेडीएस ने खुद को इससे अलग रखा था. विधानसभा में इस सरकार के बहुमत खोन के बाद बीजेपी ने सत्ता पर काबिज होते ही पूर्व सरकार का ये फैसला बदल दिया था.

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First published: October 29, 2019, 4:30 PM IST
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