बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा आज संसद में पेश करेंगे जनसंख्या नियंत्रण से जुड़ा विधेयक!

जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा की कार्य सूची में 14वें नंबर पर राकेश सिन्हा का नाम प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने वाले के तौर पर दर्ज है.

News18 Bihar
Updated: July 12, 2019, 7:45 AM IST
बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा आज संसद में पेश करेंगे जनसंख्या नियंत्रण से जुड़ा विधेयक!
बीजेपी के राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा आज जनसंख्या नियंत्रण से जुड़ा बिल संसद में पेश कर सकते हैं.
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Updated: July 12, 2019, 7:45 AM IST
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह अपने बयानों को लेकर अकसर सुर्खियों में रहते हैं.  अब फिर उनके एक बयान ने राजनीतिक गलियारे में हंगामा खड़ा कर दिया है. उन्होंने जनसंख्या विस्फोट को बड़ी समस्या बताते हुए ट्वीट किया है. वहीं, बीजेपी के राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा आज संसद में 'जनसंख्या विनियमन विधेयक-2019' पेश कर सकते हैं.

जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा की कार्य सूची में 14वें नंबर पर राकेश सिन्हा का नाम प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने वाले के तौर पर दर्ज है. बताया जाता है कि 'जनसंख्या विनियमन विधेयक-2019' में प्रस्ताव है कि जनसंख्या नियंत्रण को समुदाय, क्षेत्र और जाति सभी स्तरों पर समान रूप से लागू किया जाए.



जनसंख्या नियंत्रण को लेकर मुखर होता रहा है संघ
जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कई बार मुखर होता रहा है. आरएसएस की कार्यकारिणी मंडल में जनसंख्या नीति का पुनर्निर्धारण करने का प्रस्ताव भी पास किया जा चुका है. इस नीति को सभी पर समान रूप से लागू करने की बात संघ करता रहा है.

गिरिराज सिंह बोले, हिंदू-मुस्लिम दोनों के लिए हो दो बच्चों का कानून
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जनसंख्या विस्फोट पर गुरुवार को चिंता जाहिर करते हुए कहा कि देश में हिंदू-मुस्लिम दोनों के लिए दो बच्चों का नियम होना चाहिए और जो इस नियम को ना माने उसका वोटिंग का अधिकार ख़त्म कर देना चाहिए. बीजेपी नेता ने ट्विटर पर एक ग्राफिक शेयर किया है, जिसमें दिखाया गया है कि 1947 से 2019 के बीच भारत की जनसंख्या में 366 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं, इस अवधि में अमेरिका की जनसंख्या में सिर्फ 113 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

केंद्रीय मंत्री ने ट्विटर पर लिखा, 'हिंदुस्तान में जनसंख्या विस्फोट अर्थव्यवस्था सामाजिक समरसता और संसाधन का संतुलन बिगाड़ रहा है. जनसंख्या नियंत्रण पर धार्मिक व्यवधान भी एक कारण है. हिंदुस्तान 1947 की तर्ज पर सांस्कृतिक विभाजन की ओर बढ़ रहा है. सभी राजनीतिक दलों को साथ हो जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए आगे आना होगा.'

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