JDS बोली- नहीं देंगे समर्थन, BJP ने कहा- स्पीकर के खिलाफ लाएंगे अविश्वास प्रस्ताव

जनता दल सेक्युलर ने उन खबरों को खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि जेडीएस, बीजेपी की सरकार को बाहर से समर्थन देगी.

News18Hindi
Updated: July 28, 2019, 6:25 AM IST
JDS बोली- नहीं देंगे समर्थन, BJP ने कहा- स्पीकर के खिलाफ लाएंगे अविश्वास प्रस्ताव
जनता दल सेक्युलर ने उन खबरों को खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि जेडीएस, बीजेपी की सरकार को बाहर से समर्थन देगी.
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Updated: July 28, 2019, 6:25 AM IST
कर्नाटक में सत्ता में आने के एक दिन बाद ही भारतीय जनता पार्टी, विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है. पार्टी सूत्रों ने शनिवार को कहा कि अगर वह स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पार्टी यह कदम उठा सकती है.

उन्होंने बताया कि कुमार को पद छोड़ने के लिए सरकार की तरफ से साफ संदेश दे दिया गया है, जिसपर परंपरागत रूप से सत्ताधारी पार्टी के सदस्य आसीन होते रहे हैं. सत्तारूढ़ बीजेपी के एक विधायक ने पीटीआई से कहा, 'अगर वह खुद इस्तीफा नहीं देते हैं तो हम अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे.'

विधायक ने कहा, 'हमारा पहला एजेंडा विश्वास प्रस्ताव को जीतना है और सोमवार को वित्त विधेयक पारित कराना है. हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि विधानसभा अध्यक्ष अपनी स्वेच्छा से इस्तीफा देते हैं या नहीं.'

विधायक ने पूछा कि विपक्षी पार्टी से कोई अध्यक्ष कैसे हो सकता है. उन्होंने कहा, 'एक बार जब हम सदन का विश्वास जीत लेते हैं, तो उसके बाद हम अविश्वास प्रस्ताव लाने पर काम करेंगे.'

कर्नाटक में अचानक हुए एक राजनीतिक घटनाक्रम में बीजेपी के वरिष्ठ नेता बी. एस. येदियुरप्पा ने शुक्रवार को चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पक्ष में आंकड़े जुटाने की है. शपथ ग्रहण करने के बाद येदियुरप्पा ने कहा कि हम 29 जुलाई को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव रखेंगे.

(PTI Photo/Shailendra Bhojak)


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ऐसे गिर गई थी सरकार

हफ्तों चले राजनीतिक ड्रामा और कानूनी लड़ाई के बाद उन्होंने शपथ ग्रहण येदियुरप्पा ने शपथ ली. राज्य में कांग्रेस और जद (एस) के 15 बागी विधायकों के इस्तीफे के बाद मंगलवार को गठबंधन की सरकार गिर गई थी.

वहीं जनता दल सेक्युलर ने उन खबरों को खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि जेडीएस, बीजेपी की सरकार को बाहर से समर्थन देगी.

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा ने शनिवार को येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को समर्थन देने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी एक 'रचनात्मक' विपक्ष की भूमिका निभाएगी. जद (एस) के विधायकों के एक वर्ग द्वारा बीजेपी सरकार को समर्थन देने के लिए पूछे जाने के एक दिन बाद ही गौड़ा ने पार्टी की स्थिति स्पष्ट कर दी.

शुक्रवार को जेडीएस विधायकों की एक बैठक के बाद, पार्टी के वरिष्ठ नेता जीटी देवेगौड़ा ने कहा था, 'कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि हमें विपक्ष में बैठना चाहिए, जबकि कुछ विधायकों की राय है कि हमें बाहर से बीजेपी का समर्थन करना चाहिए.'

देवेगौड़ा ने कहा, 'हम एक रचनात्मक भूमिका निभाने जा रहे हैं. एक क्षेत्रीय पार्टी के रूप में, हम जहां विरोध करना चाहेंगे, हम उसका विरोध करेंगे. अगर आप (येदियुरप्पा) राज्य के लिए कुछ अच्छा करेंगे, तो हम इसका स्वागत करेंगे.' .

(PTI Photo/Shailendra Bhojak)


जेडीएस संरक्षक ने कहा

जेडीएस संरक्षक ने कहा, 'ऐसा (बीजेपी को समर्थन) कहने में कोई बड़ी बात नहीं है. उनका (एचटी देवेगौड़ा का) इरादा यह था कि वित्त विधेयक (31 जुलाई से पहले) पारित हो जाए क्योंकि यह कुमारस्वामी द्वारा पेश किया गया बजट था.'

गौड़ा ने समझाया कि जीटी देवेगौड़ा ने यह कहने का इरादा किया कि जद (एस) केवल बीजेपी की हर चाल का विरोध नहीं करेगा.

गौड़ा ने कहा कि '60 महीने (पांच साल) के बजाय 14 महीने के भीतर सत्ता खोने का दर्द कांग्रेस और जेडी (एस) नेताओं के बीच स्पष्ट है. इसलिए, जीटी देवेगौड़ा ने अपने विचार व्यक्त किए. इसमें कौन सी बड़ी बात है? क्या यह उनका अधिकार नहीं है? विचार व्यक्त करने के लिए? '

इसके साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि कर्नाटक में बीजेपी की सरकार 'संवैधानिक या नैतिक रूप से गठित' नहीं थी और इसे 'घुड़-व्यापार की जीत' कहा. कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने बीजेपी पर सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के कार्यालय का 'दुरुपयोग' करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, 'येदियुरप्पा खुद राज्यपाल के पद का दुरुपयोग करते हुए संविधान के खिलाफ हैं, हालांकि उनके पास बहुमत नहीं है.' समीकरण की व्याख्या करते हुए, उन्होंने कहा कि तीन विधायकों की अयोग्यता के बाद विधानसभा की ताकत 221 थी और आधे का निशान 111 विधायक है. हालांकि, बीजेपी के पास केवल 105 विधायक हैं.

(PTI Photo/Shailendra Bhojak)


सिद्धारमैया ने कहा कि

यह कहते हुए कि बीजेपी को 111 विधायकों की सूची देनी है, सिद्धारमैया ने कहा कि मुंबई में कैंप कर रहे बागी विधायकों के नाम नहीं दिए जा सकते क्योंकि वे कांग्रेस और जद (एस) के थे. सिद्धारमैया ने पूछा 'यह (बीजेपी का) संवैधानिक या नैतिक रूप से गठित सरकार नहीं है. वे (बीजेपी) तब बहुमत साबित कैसे करेंगे? क्या इसे संविधान के ढांचे के भीतर कोई मान्यता मिली है?' .

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस और जद (एस) के विधायकों को सीमित नहीं किया जाता तो कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का नहीं गिरती. सिद्धारमैया ने कहा, 'उन्होंने (बीजेपी) हमारे विधायकों को अवैध रूप से लालच देकर फंसाया और अब वे (बीजेपी) कह रहे हैं कि यह लोगों की जीत है. नहीं, यह लोगों की जीत नहीं है. यह हॉर्स ट्रेडिंग की जीत है.'
First published: July 28, 2019, 6:04 AM IST
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