बड़ा बदलाव: रामलाल BJP के संगठन महामंत्री पद से हटे, 14 साल बाद हुई घर वापसी

रामलाल ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिख कर उन्हें पद मुक्त करने की बात रख दी है. उन्होंने याद दिलाया है कि उन्होंने 30 सितंबर 2017 को भी अमित शाह से उन्हें पद मुक्त होने की बात की थी.

अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 4:50 PM IST
बड़ा बदलाव: रामलाल BJP के संगठन महामंत्री पद से हटे, 14 साल बाद हुई घर वापसी
रामलाल ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिख कर उन्हें पद मुक्त करने की बात रख दी है. उन्होंने याद दिलाया है कि उन्होंने 30 सितंबर 2017 को भी अमित शाह से उन्हें पद मुक्त होने की बात की थी.
अमिताभ सिन्हा
अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 4:50 PM IST
विजयवाड़ा में संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही है. संघ प्रवक़्ताओं ने बार-बार कहा कि इसमें सिर्फ पूरे काम-काज का रिव्यु होगा. लेकिन खबर आनी थी तो आ ही गयी. फैसला ले ही लिया गया वो भी बीजेपी के विषय में. सूत्रों  के हवाले से ख़बर आयी कि लगभग 13 साल से संगठन महामंत्री रहे राम लाल को संघ में वापस बुला लिया गया है. रामलाल को आरएसएस का सह संपर्क प्रमुख बनाया गया है.

बीजेपी के संगठन महामंत्री और प्रदेश में संगठन मंत्री संघ से भेजे जाते हैं. जो पार्टी में संगठन और संघ और बीजेपी के बीच में समन्वय का काम देखते हैं. इन्हें चुने जाने में बीजेपी का कोई दखल भी नहीं होता है. बीजेपी में पार्टी अध्यक्ष के बाद संगठन महासचिव का पद सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. 2005 में बीजेपी के संगठन महासचिव संजय जोशी की CD आने के बाद उन्हें बीजेपी से पद मुक्त किया गया था. 2006 में राम लाल को बीजेपी में संगठन महासचिव की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. उसके बाद से रामलाल लगातार  बीजेपी में संगठन महासचिव का काम देख रहे थे.



अमित शाह को लिखी चिट्ठी
रामलाल ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिख कर उन्हें पद मुक्त करने की बात रख दी है. उन्होंने याद दिलाया है कि उन्होंने 30 सितंबर 2017 को भी अमित शाह से उन्हें पद मुक्त होने की बात की थी. लेकिन तब तक लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गयी थीं इस लिए वो परिवर्तन हो नहीं पाया. लेकिन अब दायित्व परिवर्तन का उपयुक्त समय है इस लिए उन्हें कार्यभार से मुक्त किया जाए.



67 वर्षीय रामलाल ने लगभग 14 साल बीजेपी में पूरे किए. राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह, और अब जगत प्रकाश नड्डा तक 4 बीजेपी अध्यक्षों के साथ काम किया. इतने सालों से सिस्टम में रहे रामलाल जी की संघ में वापसी क्यों हुई इस पर ज्यादा अटकलें लगा नहीं सकते लेकिन संघ की कार्यशैली समझने वाले जानते हैं कि ऐसा फैसला पहले लिया जा चुका था लेकिन उसे अमली जामा पहनाने में थोड़ा वक्त लग जाता है. सूत्रों की माने तो संघ चाहता था कि ऐसा व्यक्ति संगठन महामंत्री बने जो पार्टी का हिस्सा न बने बल्कि समन्वय बेहतर करे और संघ और बीजेपी के बीच सेतु भी बना रहे.

रामलाल के स्वभाव में दिखती है सरलता
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स्वभाव के मृदुभाषी और कभी खबर न बताने वाले रामलालजी जब भी हमारे सामने आते हमारा हाल ज़रूर पूछ जाते थे. मुझे याद है 2006 में चंद राज्यों में विधान सभा चुनाव हुए थे और नतीजों के दिन हम टीवी पत्रकार जोर-शोर से लाइव में लगे थे. वैसे भी संजय जोशी का कड़क दौर देखा था जो कभी टीवी के सामने नहीं आते थे.

मेरे लाइव टेलीकास्ट के बीच ही मैंने आंख के कोने से देखा तो कार्यकर्ताओं से घिरे रामलालजी मिठाई का डब्बा लेकर गुजर रहे थे. मैंने भी आओ देखा न ताओ लाइव में ही रामलाल जी के मुंह पर माइक लगा दिया. लेकिन वो नाराज नहीं हुए. उन्होंने 2 सवालों का जवाब भी दिया और तीसरा एक उल्टा सवाल दागा तो एक पूरा लड्डू मेरे मुंह में डाल कर बोले कि अब मीठा बोलो. पूरी भीड़ हंस पड़ी और स्टूडियो में बैठे सीनियर एडिटर भी सवाल पूछने के लिए आवाज लगाने लगे. सार यही है राजनीति के भले ही अपने मापदंड हो लेकिन उनके स्वभाव में एक सरलता थी.

दक्षिण के द्वार खोलने की जिम्मेदारी
बीजेपी को लोकसभा में पूर्ण बहुमत मिला है. पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोबारा सरकार बन चुकी है. अब नए अध्यक्ष के औपचारिक चुनाव की तैयारी चल रही है. सदस्यता अभियान जोरों पर है. अमित शाह साफ कह चुके हैं कि अभी पार्टी  का पूरा विस्तार नहीं हुआ है. यानी दक्षिण के द्वार खोलने की जिम्मेदारी अगले महासचिव पर होगी और ये भी सुनिश्चित करना होगा कि संघ का एजेंडा भी चलता रहे. रिकॉर्ड समय तक संगठन महामंत्री रहे रामलाल से पहले संजय जोशी, गोविंदाचार्य और नरेंद्र मोदी तक संगठन महासचिव रह चुके हैं.

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