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संसद भवन में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को मिला अटल-आडवाणी वाला कमरा

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा. (तस्वीर-JPNadda Twitter)

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा. (तस्वीर-JPNadda Twitter)

2004 में संसद भवन (Parliament House) का कमरा नंबर 4 बतौर एनडीए अध्यक्ष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) को अलॉट किया गया था हालांकि सेहत की वजह से अटल बिहारी बाजपेयी ने कभी इस कमरे का उपयोग नहीं किया.

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नई दिल्‍ली. संसद भवन (Parliament House) में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) को स्थायी कमरा अलॉट किया गया है. ये वो कमरा है जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) का कमरा हुआ करता था. ये कमरा बीजेपी संसदीय दल के कार्यालय के ठीक बगल वाला कमरा नंबर 4 है. ये कमरा पिछले 2 सालों से किसी के उपयोग में नहीं था.

2004 में संसद भवन का कमरा नंबर 4 बतौर एनडीए अध्यक्ष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को अलॉट किया गया था. हालांकि सेहत की वजह से अटल बिहारी बाजपेयी ने कभी इस कमरे का उपयोग नहीं किया. इसके बाद इस कमरे को बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी के लिए अलॉट किया गया. लालकृष्ण आडवाणी संसद सत्र के दौरान लगातार इस कमरे से ही काम करते रहे. 2019 का लोकसभा चुनाव लालकृष्ण आडवाणी ने नहीं लड़ा, इसके बाद से ही ये कमरा खाली पड़ा हुआ था.

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अब ये महत्वपूर्ण कमरा जेपी नड्डा को आवंटित किया गया है. यानी नड्डा का संसद भवन में ये स्थायी ठिकाना होगा. जेपी नड्डा 20 जनवरी 2020 को बीजेपी के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए. इससे पहले अमित शाह बीजेपी के अध्यक्ष थे. संसद भवन में पार्टी और संसदीय दल के नेता को भी कमरे अलॉट किए जाते हैं और यही वजह है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को कमरा अलॉट किया गया है.

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हालांकि इस कमरे से एक विवाद भी जुड़ा हुआ है. 2014 में बीजेपी की सरकार आने के बाद इस कमरे से लालकृष्ण आडवाणी का नाम हटा दिया गया था, जबकि अटल बिहारी बाजपेयी का नाम था. उस वक़्त ये कहा गया कि चूंकि उस वक़्त राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेता किसी को नहीं चुना गया है, इसलिए नाम हटाया गया. हालांकि बाद में लालकृष्ण आडवाणी का नाम को फिर से लगा दिया गया था. इस कमरे का महत्व इसलिए भी बहुत ज्यादा है क्योंकि ये कमरा बीजेपी संसदीय दल के कमरे और पीएम आफिस से ज्यादा दूर नहीं है.

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