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क्या शिवसेना को घेरने के लिए नारायण राणे को मिली है मोदी कैबिनेट में जगह?

नारायण राणे (फ़ाइल फोटो)

नारायण राणे (फ़ाइल फोटो)

Narayan Rane Factor: महाराष्ट्र के पूर्व सीएम नारायण राणे के दो बेटे नीलेश और नितेश भी BJP में हैं. नारायण राणे सिर्फ साढ़े सात महीने ही मुख्यमंत्री रहे, लेकिन महाराष्ट्र की सियासत में वो बड़ा कद और दखल रखते हैं.

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    नई दिल्ली. बुधवार शाम मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया. कैबिनेट में महाराष्ट्र के कद्दावर नेता नारायण राणे (Narayan Rane) को शामिल किया गया है. उन्हें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी गई है. कहा जा रहा है कि राणे को कैबिनेट में जगह देकर भाजपा ने शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी सरकार को कड़ा संदेश दे दिया है कि वो महाराष्ट्र में चुप बैठने वाले नहीं है. नारायण राणे पहले शिवसेना में ही थे. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया और फिर अपनी पार्टी बना ली. 2019 में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की थी. अभी नारायण राणे राज्यसभा सांसद हैं.

    शिवसेना के खिलाफ बगावत करने के बावजूद राणे विधानसभा का चुनाव जीतकर विधायक बने. कांग्रेस सरकार में भी राणे राज्य के राजस्व मंत्री बने. आईए एक नज़र डालते हैं कि क्या आखिर क्या वजह है कि राणे को मोदी की कैबिनेट में शामिल किया गया है..
    पिछले साल बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद नारायण राणे ने उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य के खिलाफ जमकर हमले किए थे. उन्होंने सुशांत की मौत के लिए ठाकरे को जिम्मेदार ठहराया था.
    कोंकण इलाके में राणे की काफी मजबूत पकड़ है. वो यहां से से 6 बार जीत चुके है. यहां बड़ी संख्या में वो लोग रहते हैं जो मुंबई में काम के लिए जाते हैं. यहां 21 विधानसभा सीटें हैं. शिवसेना की भी यहां अच्छी पकड़ है. ऐसे में माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के कोंकण के किले को वो ध्वस्त कर सकते हैं.
    मुंबई और ठाणे में महत्वपूर्ण नगर निगमों सहित अगले साल की शुरुआत में स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं. ऐसे में राणे की मदद से भाजपा इन इलाकों में अपनी ताकत को मजबूत करना चाहती है.
    राणे रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग क्षेत्र में रिफाइनरी प्रोजेक्ट को भी आगे बढ़ा सकते हैं. बता दें कि भाजपा-शिवसेना सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन भी निर्धारित कर दी थी. लेकिन बाद में शिवसेना ने इसे ये कहते हुए बंद कर दिया कि स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं.
    सुप्रीम कोर्ट की तरफ से मराठा आरक्षण को रद्द करने से मराठा समुदाय मौजूदा महाविकास आघाडी सरकार से नाराज चल रहे हैं. नारायण राणे मराठा समुदाय से आते हैं. ऐसे में बीजेपी ने उन्हें मंत्री बनाकर इस समुदाय को साधने का प्रयास किया है.
    शिवसेना में शामिल होने के बाद नारायण राणे की लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ती चली गई. युवाओं के बीच नारायण राणे की ख्याति को देखकर शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे भी प्रभावित हुए. उनकी संगठन की क्षमता ने उन्हें जल्द ही चेंबूर में शिवसेना का शाखा प्रमुख बना दिया.

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