नवनिर्वाचित भाजपा सांसद अशोक गस्ती की कोरोना से मौत, दो दिन में दो सांसदों ने गंवाई जान

अशोक गस्ती ने 22 जुलाई को ली थी राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ
अशोक गस्ती ने 22 जुलाई को ली थी राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ

अशोक गस्ती ने 22 जुलाई को ही राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ग्रहण की थी. इससे पहले बुधवार को वाईएसआरसीपी के सांसद की कोरोना वायरस के चलते मौत हो गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 10:55 PM IST
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बेंगलुरु. भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) के नेता और राज्यसभा के नवनिर्वाचित सांसद अशोक गस्ती (Rajyasabha MP Ashok Gasti) का कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के चलते गुरुवार को निधन हो गया. गस्ती को कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित पाए जाने के बाद बेंगलुरु (Bengaluru) के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था जहां उनका इलाज चल रहा था. कोरोना वायरस से संक्रमित अशोक गस्ती की हालत बेहद गंभीर थी. उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था. अशोक गस्ती ने 22 जुलाई को ही राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ग्रहण की थी.

अशोक गस्ती राज्यसभा सांसद बनने से पहले कर्नाटक पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके थे. अशोक गस्ती पेशे से वकील थे. कर्नाटक के रायचूर जिले में उनकी काफी मजबूत पैठ थी जिसका फायदा बीजेपी को भी मिला. गस्ती 18 साल की उम्र में भाजपा से जुड़े थे. वह कर्नाटक बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके थे. गस्ती के निधन पर लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अशोक गस्ती की असमय मौत की खबर सुनकर दुखी हूं. शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं.

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बता दें इससे एक दिन पहले बुधवार को वाईएसआरसीपी के एक सांसद बल्ली दुर्गा प्रसाद राव की कोविड-19 संक्रमण के चलते मौत हो गई थी. तिरुपति से लोकसभा सांसद बल्ली दुर्गा प्रसाद राव का बुधवार को एक अस्पताल में निधन हो गया. वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे और उनका इलाज चेन्नई के एक अस्पताल में चल रहा था. परिवार के सदस्यों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के 65 वर्षीय सांसद चेन्नई के अस्पताल में भर्ती थे. तीन सप्ताह पहले उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी.

पेशे से वकील राव ने तेदेपा के सदस्य के रूप में राजनीति करियर की शुरुआत की थी और वह पहली बार 1985 में विधायक बने थे. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले वह वाईएसआरसी में शामिल हुए थे.
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