BJP ने BMC चुनाव के लिए कसी कमर, ऑनलाइन शिक्षा से वंचित आदिवासी छात्रों को बांटे स्मार्टफोन

BJP ने BMC चुनाव के लिए कसी कमर, ऑनलाइन शिक्षा से वंचित आदिवासी छात्रों को बांटे स्मार्टफोन
ऑनलाइन शिक्षा से वंचित आदिवासी स्टूडेंट्स को स्मार्टफोन बांटे गये

स्मार्टफोन (Smartphone) की कमी के कारण शिक्षा से वंचित हो गये आदिवासी छात्रों में भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा ने स्मार्टफोन बांटे हैं. इस तरह से पार्टी ने ऑनलाइन पढ़ाई (Online Education) के बहाने बीएमसी चुनाव (BMC Elections) के लिए कमर कस ली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2020, 6:31 PM IST
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मुंबई. स्मार्टफोन (Smartphone) ना होने के कारण, मुंबई (Mumbai) की आरे कॉलोनी में खंभा पाड़ा के कुछ आदिवासी छात्र (Tribal students) ऑनलाइन शिक्षा (Online Education) से वंचित रहने वाले थे. इस गंभीर मामले को महसूस करते हुए, सामाजिक रूप से जागरूक भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा (BJP North Indian Front) छात्रों की सहायता के लिए आगे आया है, रविवार 30 अगस्त को, भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा ने खंबाचा पाडा के 25 आदिवासी छात्रों को 25 स्मार्टफोन (Smartphone) वितरित किए जाने की जानकारी भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पांडे जी ने दी.

संजय पांडे ने कहा कि आज कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के कारण स्कूल (school) बंद हैं और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी शिक्षा (Education) को नुकसान न पहुंचे इसलिए ऑनलाइन कक्षाएं (Online Classes) शुरू की गई हैं. लेकिन उसी समय कई लोगों ने अपनी नौकरी खो दी है, इसलिए अल्प आय (Low income) के साथ घर चलाना मुश्किल है. इस स्थिति में कई गरीब जरूरतमंद छात्रों को मोबाइल (mobile) खरीदकर देना उनके माता-पिता के लिए संभव नहीं है. घर पर स्मार्टफोन (Smartphone) नहीं हैं इस कारण कई छात्र अभी भी शिक्षा से वंचित हैं.

बीजेपी आदिवासी और पिछड़े इलाकों को टारगेट करना शुरू किया
उन्होंने कहा "मुंबई की आरे कॉलोनी में खंभा पाड़ा में रहने वाले आदिवासी बच्चों की यही दुर्दशा थी. ऐसे बच्चों को शिक्षा की धारा में लाने में उनकी मदद करना जरूरी थी, इसलिए 25 आदिवासी छात्रों को स्मार्ट फोन सौंपने के बाद, उनके और उनके माता-पिता के चेहरे पर खिली मुस्कान ने हमें बहुत कुछ दिया."
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मुंबई में 1 साल बाद बीएमसी के चुनाव होने हैं ऐसे में बीजेपी की कोशिश है कि इस बार शिवसेना सहित एनसीपी और कांग्रेस को वोट बैंक को तोड़ा जाए और पूरा चुनाव बीजेपी बनाम महा विकास आघाडी लड़ा जाए शायद यही वजह है कि बीजेपी ने 1 साल पहले ही उन आदिवासी और पिछड़े इलाकों को टारगेट करना शुरू किया है जहां पर कोरोना के समय में मदद पहुंचा करके उनकी सहानुभूति के जरिए बीएमसी चुनाव की तैयारी की जाए, इसलिए बीजेपी लगातार स्लम इलाके और आदिवासी इलाकों को ज्यादा फोकस कर रही है जिससे समय रहते शिवसेना की ताकत को मुंबई में कम किया जा सके
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